भारत ने अपने गेंदबाजों के बूते ही किया बेहतरीन प्रदर्शन, मिली सफलता

टीम इंडिया का बॉलिंग अटैक दुनिया का सबसे खतरनाक बॉलिंग अटैक हो गया है।

ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड दौरे पर भारत ने गेंदबाजों के बूते ही बेहतरीन प्रदर्शन किया और अच्छी सफलता भी हासिल की।

विविधता के चलते गेंदबाजों ने ऐसा जबर्दस्त प्रदर्शन किया कि अब टीम इंडिया का बॉलिंग अटैक दुनिया का सबसे खतरनाक बॉलिंग अटैक हो गया है।

स्पिनर और तेज गेंदबाजों में इतने वैरिएशन ही भारतीय गेंदबाजी की ताकत बने हैं। इसलिए टीम घर और विदेश दोनों जगह जबर्दस्त प्रदर्शन कर रहे हैं।

वर्ष 2016 से अब तक विदेशी धरती पर सबसे अच्छा प्रदर्शन भारतीय गेंदबाजों ने ही किया है। हालांकि जब अपने घर में बेस्ट गेंदबाजी की बात आती है|

तो भारत दूसरे नंबर पर आ जाता है और यहां पर बाजी मारी है दक्षिण अफ्रीका ने। वैसे जब देश या फिर विदेश दोनों के आंकड़ों को जोड़ें तो दक्षिण अफ्रीका टीम इंडिया पर हावी नजर आती है।

आंकड़े कहते है कि इस समय गेंदबाजी के मामले में भारत और दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों के बीच एक-दूसरे को पीछे छोड़ने की होड़ मची हुई है।

अभी की बात करें तो आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में भारत पहले और दक्षिण अफ्रीका दूसरे नंबर पर है। इसी तरह टेस्ट गेंदबाजी रैंकिंग में दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाज कैगिसो रबाजा पहले नंबर पर हैं।

ऑस्ट्रेलिया के पैट कमिंस दूसरे, इंग्लैंड के जेम्स एंडरसन तीसरे और दक्षिण अफ्रीका के वेर्नोन फिलेंडर चौथे नंबर पर हैं।

भारतीय गेंदबाजों की बात करें तो रविंद्र जडेजा पांचवें, रविचंद्रन अश्विन 10वें, जसप्रीत बुमराह 16वें, मोहम्मद शमी 23वें, ईशांत शर्मा 28वें, उमेश यादव 32वें और कुलदीप यादव 42वें नंबर पर मौजूद हैं।

साल 2016 से अब तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो टेस्ट क्रिकेट में रबादा और अश्विन ने बराबर विकेट लिए हैं। इन दोनों ने ही इस दौरान 33-33 मैचों में 166-166 विकेट लिए हैं।

यहां पर नाथन लियोन 161 विकेट के साथ तीसरे नंबर पर हैं। जडेजा 25 मैचों में 124 विकेट लेकर सातवें नंबर पर हैं।

हालांकि, जब भी गेंदबाजों के प्रदर्शन की बात आती है तो विकेटों के साथ गेंदबाजी औसत भी अहम होता है।

बेहतरीन औसत के मामले में दक्षिण अफ्रीका के डुआन ओलिवर पहले नंबर पर हैं। उन्होंने सिर्फ 16.26 की औसत से 34 विकेट लिए हैं।

दक्षिण अफ्रीका के ही वेर्नोन फिलेंडर (17.50 औसत, 58 विकेट) दूसरे नंबर पर हैं। वहीं इनके अलावा कैगिसो रबादा तीसरे, डेल स्टेन चौथे, रवींद्र जडेजा पांचवें, अश्विन छठे, मोहम्मद शमी सातवें, उमेश यादव आठवें नंबर पर हैं।

विदेश में प्रदर्शन की बात करें तो बुमराह यहां बाजी मारते दिख रहे हैं। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में विदेश में ही डेब्यू किया था और अब तक खेले 10 टेस्ट मैचों में 21.9 की औसत से 49 विकेट लिए हैं।

इस चार्ट में इशांत शर्मा दूसरे, मोहम्मद शमी तीसरे, केशव महाराज चौथे और रविचंद्रन अश्विन पांचवें, कैगिसो रबाडा छठे, रवींद्र जडेजा सातवें और वेर्नोन फिलेंडर आठवें नंबर पर मौजूद हैं।

भारत की बेहतरीन गेंदबाजी का असर टेस्ट क्रिकेट में टीम के प्रदर्शन पर साफ-साफ दिखता है। वर्ष 2016 से अब तक खेले गए सभी टेस्ट मैचों में से भारत को 23 टेस्ट मैच में जीत मिली है।

इसके बाद इंग्लैंड व दक्षिण अफ्रीका ने 20-20 टेस्ट मैच जीते हैं। ऑस्ट्रेलिया ने 16,श्रीलंका ने 13, न्यूजीलैंड ने 12 जबकि पाकिस्तान ने 10 टेस्ट जीते हैं।

वेस्टइंडीज ने इस अंतराल में 9, बांग्लादेश ने 6 और जिम्बाब्वे ने एक टेस्ट मैच जीता। अब इस आंकड़े को देखकर साफ पता चलता है|

कि आखिरकार भारतीय गेंदबाजों ने विदेश में जीत दिलाने में टीम के लिए कितनी बड़ी भूमिका निभाई है। साथ ही भारतीय गेंदबाज कितने खतरनाक हैं।

Back to top button