कार्ति ने बंद कराए विदेशी बैंक खाते, चिदंबरम बोले- CBI के नाम से झूठ सच में नहीं बदलता

सीबीआई ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम के विदेशी बैंकों में कई खाते हैं और इनमें से कुछ को वह बंद करा चुके हैं।
सीबीआई ने कहा कि यही वजह है कि उन्होंने कार्ति को विदेश जाने पर रोक लगाई थी।

मामले में कार्ति चिदंबरम पर अनेक विदेशी बैंकों में खाते होने के आरोप पर पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि यह पूरी तरह झूठ है। सीबीआई का नाम लेने से झूठ सच में नहीं बदल जाता।

कार्ति चिदंबरम के खिलाफ जारी लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) को सही बताते हुए सीबीआई ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष कहा कि उनके विदेश दौरे से चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।

सीबीआई की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने तीन सीलबंद लिफाफे दिखाते हुए कहा कि इनमें कई ऐसे तथ्य हैं जिसकी वजह से कार्ति के खिलाफ एलओसी जारी किया गया।

उन्होंने पीठ से गुहार की कि वह इन लिफाफों में दर्ज तथ्यों पर गौर करें। लेकिन कार्ति की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि इन लिफाफों पर गौर करने का कोई मतलब नहीं है।

इसका दर्ज एफआईआर से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने इस आरोप पर भी कड़ी आपत्ति जताई कि कार्ति के विदेशों में कई बैंक खाते हैं।

उन्होंने कहा कि सीबीआई ने पूछताछ में कार्ति से इस बारे में एक भी सवाल नहीं पूछा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर इनमें से एक भी खाते में कार्ति के हस्ताक्षर है तो सीबीआई उनके खिलाफ अभियोजन चला सकती है।

सिब्बल ने यह भी कहा कि एलओसी जारी करने से पहले कार्ति को नोटिस तक जारी नहीं किया गया जो संविधान के अनुच्छेद-21 का उल्लंघन है। अगली सुनवाई चार अक्टूबर को होगी।

मालूम हो कि कार्ति चिदंबरम पर आरोप है कि वर्ष 2007 में जब पी चिदंबरम वित्त मंत्री थे, उस वक्त आईएनएक्स मीडिया कंपनी ने विदेशी निवेश प्रोत्साहन बोर्ड(एफआईपीबी) से क्लीयरेंस लेकर 305 करोड़ रुपये विदेशी फंड प्राप्त किए थे। इसके एवज में कार्ति को रिश्वत मिली थी।

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