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ताज महल के पास बन रही पार्किंग को ढहाने पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

ताजमहल के निकट निर्माणाधीन पार्किंग को ढहाने के अपने आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। शीर्ष अदालत ने साथ ही यह भी कहा कि फिलहाल पार्किंग का निर्माण कार्य नहीं होगा। पार्किंग का निर्माण ताजमहल के पूर्वी गेट से एक किलोमीटर से भी कम की दूरी पर हो रहा था।

न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ ने पार्किंग ढहाने पर रोक लगाते हुए यथास्थिति बनाए रखने केलिए कहा है। साथ ही पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार को ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) के संरक्षण और प्रदूषण से संबंधित पॉलिसी पेश करने केलिए कहा है। पीठ ने यह भी कहा कि हम नहीं जानते कि वहां होटल कैसे बनाए गए। ऐसा नहीं होना चाहिए।

पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से 17 वीं सदी में बने ताजमहल के संरक्षण से संबंधित नीति केबारे में जानना चाहा। पीठ ने कहा कि हम जानना चाहते हैं कि ताजमहल को लेकर सरकार की क्या नीति है।

अगर कोई पॉलिसी है तो हम उसे देखना चाहते हैं। जवाब में तुषार मेहता ने कहा कि इस मसले को लेकर विस्तृत पॉलिसी है और सरकार ताजमहल के संरक्षण केलिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वह विस्तृत पॉलिसी अदालत केसमक्ष रखेंगे।

पीठ ने कहा कि हमारे पास होटल के निर्माण और पेड़ों को काटने की इजाजत मांगने को लेकर याचिका दायर की गई थी। जवाब में मेहता ने कहा कि पहले ओरिएंटेशन सेंटर बनाने की योजना था लेकिन बाद में पर्यटकों के लिए पार्किंग बनाने का निर्णय लिया गया।

उन्होंने कहा कि इसकेलिए टीटीजेड और संबंधित अथॉरिटी से मंजूरी ली गई। इस पर पीठ ने कहा कि इसमें कोई परेशानी नहीं है लेकिन आप हमें अपनी पॉलिसी के बारे में बताइए। मालूम हो कि गत 24 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने इस पार्किंग को चार हफ्ते के भीतर ढहाने का आदेश दिया था।

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ताज महल
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