खेल

मकाऊ पर बड़ी जीत से भारत ने एशिया कप के लिए क्वालीफाई किया

बेंगलुरू: कप्तान सुनील छेत्री की अगुवाई में भारत ने जोरदार खेल का शानदार नमूना पेश करते हुए आज यहां मकाऊ को 4-1 से करारी शिकस्त देकर चौथी बार एएफसी एशिया कप फुटबाल टूर्नामेंट के लिये क्वालीफाई किया जो 2019 में यूएई में खेला जाएगा। भारत ने इस जीत से क्वालीफाईंग में अपना विजय अभियान भी बरकरार रखा है। यह उसकी लगातार चौथी जीत है। भारत को अब 24 नवंबर को म्यांमा और अगले साल 27 मार्च को किर्गीस्तान से मैच खेलने हैं लेकिन ये दोनों मैच औपचारिक रह गए हैं। इससे पहले भारत ने 1964, 1984 और 2011 में एशिया कप के लिये क्वालीफाई किया था। मकाऊ पर जीत से भारत के ग्रुप ए में चार मैचों में 12 अंक हो गए हैं।

भारत को राउलिन बोर्जेस ने 28वें मिनट में बढ़त दिलायी जबकि स्टार स्ट्राइकर सुनील छेत्री ने 60वें मिनट में दूसरा गोल दागा। इस बीच मकाऊ के डिफेंडर ने 70वें मिनट में आत्मघाती गोल किया जबकि जेजे लालपेखलुआ ने 92वें मिनट में चौथा गोल करके भारत की बड़ी जीत सुनिश्चित की। मकाऊ के लिए एकमात्र गोल निकोलस टेराओ ने 37वें मिनट में किया। भारत ने कांतिवीरा स्टेडियम में शुरू से ही मकाऊ पर दबाव बनाये रखा लेकिन उसे गोल करने में सफलता 28वें मिनट में मिली जब बोर्जेस ने जेजे के पास पर बड़ी खूबसूरती से गेंद को जाली के बायें छोर पर भेजा। भारत ने हालांकि रक्षापंक्ति की कमजोरी के कारण टूर्नामेंट में पहली बार एक गोल गंवाया। खेल के 37वें मिनट में टेराओ भारतीय रक्षापंक्ति में सेंध लगाकर यह गोल करने में सफल रहे जिससे मध्यांतर तक स्कोर 1-1 से बराबरी पर था। पहले हाफ में भारत ने अधिकतर समय दबदबा बनाये रखा लेकिन बीच में थोड़ी ढिलायी बरतने का खामियाजा उसे एक गोल के रूप में भुगतना पड़ा। मकाऊ का यह क्वालीफिकेशन के चार मैचों में पहला गोल था।

भारत ने दूसरे हाफ के शुरू में ही जैकीचंद सिंह की जगह बलवंत सिंह को मैदान पर उतारा जिसका प्रभाव साफ देखने को मिला। मकाऊ ने पहले हाफ की तुलना में अधिक सकारात्मक खेल दिखाया लेकिन वह भारत को फिर से बढ़त हासिल करने से नहीं रोक पाया। खेल के 60वें मिनट में बलवंत ने दायें छोर से गेंद बनायी और उसे बड़ी निपुणता के साथ छेत्री तक पहुंचाया जिन्होंने उसे गोल के अंदर डालने में कोई गलती नहीं की। भारत के नाम पर तीसरा गोल मकाऊ के डिफेंडर लाम के सेंग ने जोड़ा जिन्होंने 70वें मिनट में आत्मघाती गोल किया। इसके चार मिनट बाद भारत के पास गोल करने का अच्छा मौका था लेकिन बलवंत के पास पर जेजे का शाट गोलकीपर ने रोक दिया। जेजे हालांकि दूसरे हाफ के इंजुरी टाइम में छेत्री के पास पर अपने नाम पर गोल लिखवाने में सफल रहे। भारत आखिरी बार 2011 में दोहा में एशिया कप में खेला था लेकिन वह तब अपने ग्रुप के तीनों मैच हार गया था।

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