अगले साल मार्च तक देश के सभी गावों में पहुंचा दी जाएगी बिजली

पटना: केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री राजकुमार सिंह सोमवार को पटना पहुंचे. मंत्री बनने के बाद अपने पहले संवादाता सम्मलेन में सिंह ने दावा किया कि अगले साल मार्च के अंत तक देश के हर गांव तक बिजली पहुंचा दी जाएगी. सिंह ने साफ़ किया कि गांव का मतलब ये नहीं होगा कि किसी एक घर में बल्ब जल गया बल्कि उस गांव के अधिकांश घरों में बिजली और उसकी आपूर्ति सुनिश्चित करना केंद्र सरकार का लक्ष्य है.

सिंह ने ऊर्जा के क्षेत्र में बिहार सरकार के कामकाज की पूरी तारीफ की. यहां तक कह डाला कि पूरे देश में ग्रामीण विद्युतीकरण के मामले में बिहार सरकार का कामकाज अव्वल रहा है लेकिन बिहार सरकार की दो मुख्य मांगों को उन्होंने ख़ारिज कर दिया. पहली परियोजना कोशी में डागमारा पनबिजली परियोजना है. उन्होंने कहा कि केंद्र इसे सहमति नहीं दे सकता क्योंकि ये अब बहुत प्रसांगिक नहीं रहा. बिहार सरकार की बिजली दर एक करने की मांग को भी उन्होंने इस आधार पर खारिज कर दिया कि जिन राज्यों ने दीर्घकालीन ऊर्जा की खरीद के समझोते किए हैं, उस पर असर पड़ेगा.

सिंह ने साफ़ किया की ऊर्जा के उत्पादन और उसके वितरण से भी महत्वूर्ण है कि बिजली के बदले भुगतान कितना आ रहा है. राजकुमार सिंह का साफ़ कहना था कि कोई भी विद्युत् व्यवस्था दुनिया में नहीं चल सकती, अगर आपका बिजली के बदले कलेक्शन बहुत अच्छा नहीं हैं. उन्होंने बताया कि देश में प्रीपेड मीटर और स्मार्ट मीटर लगाने पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है.

इससे पूर्व राजकुमार सिंह को पटना दफ्तर खुले जीप में पहुंचे. सिंह अपने भाषण में थोड़े भावुक भी दिखे और कहा में यहीं का बच्चा हूं. सिंह बिहार कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी रहे हैं. बिहार में लोग अभी भी पटना के जिला अधिकारी, पथ निर्माण के प्रधान सचिव और गृह आयुक्त के रूप में उनकी पोस्टिंग को अभी भी याद करते हैं. वो पहले अधिकारी हैं जो न लोकसभा के लिए चुने गए बल्कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में पहली बार में किसी विभाग का स्वंत्रत प्रभार संभल रहे हैं.

सिंह अपनी ईमानदारी और बेबाक छवि के कारण जाने जाते हैं. विधानसभा चुनावों के पूर्व उन्होंने पार्टी नेतृत्व के सार्वजनिक रूप से आपराधिक छवि के लोगों को टिकट देने की आलोचना की थी. बाद में पार्टी नेतृत्व ने उन्हें दिल्ली बुलाकर शांत रहने की नसीहत दी थी.

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