Ind vs SA 3rd Test:73 पारियों में एक भी शतक नहीं जड़ सके हैं पार्थिव पटेल

बावजूद इसके विराट कोहली द्वारा उन्हें मौका दिया जाना किसी को समझ नहीं आया

Ind vs SA 3rd Test:73 पारियों में एक भी शतक नहीं जड़ सके हैं पार्थिव पटेल

Ind vs SA: भारत-साउथ अफ्रीका के बीच जोहानिसबर्ग में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट में एक बार फिर विकेटकीपर पार्थिव पटेल को मौका दिया गया है। पार्थिव दूसरे टेस्ट में खराब प्रदर्शन के चलते आलोचनाओं का शिकार हुए थे। बावजूद इसके विराट कोहली द्वारा उन्हें मौका दिया जाना किसी को समझ नहीं आया। पार्थिव इस मैच में भी कुछ खास नहीं कर सके। जब सस्ते में 5 विकेट गंवाकर भारतीय टीम मझधार में फंसी तो पार्थिव पटेल भी महज 2 रन बना अपना विकेट दे बैठे।

ये पार्थिव पटेल का 25वां टेस्ट था, जिसकी 37 पारियों का अगर विश्लेषण करें तो एक भी शतक नहीं नजर आता है। पार्थिव ने अपने टेस्ट करियर में 6 अर्धशतक जरूर लगाए हैं लेकिन इसे वो शतक में तब्दील करने में कभी भी सफल ना हो सके। वहीं बात अगर 38 वनडे की 34 पारियों की करें तो पार्थिव यहां भी महज 4 फिफ्टी लगा सके हैं। टी20 में उन्हें 2 बार मौका दिया गया, जिसमें कुल मिलाकर पार्थिव टीम के लिए 36 रन जुटा सके।

भारत ने टॉस जीता और कोहली ने तेज गेंदबाजों की मददगार मानी जा रही इस विकेट पर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया। उनका यह फैसला दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों के सामने गलत साबित हुआ जो लगातार अपनी उछाल और स्विंग से मेहमान टीम की सलामी जोड़ी को परेशान कर रहे थे। भारत को पहला झटका लोकेश राहुल के रूप में लगा। फिलेंडर की एक शानदार इनस्विंग गेंद उनके बल्ले का अंदरूनी किनारा लेकर विकेटकीपर डी कॉक के हाथों में जा समाई। राहुल एक भी रन नहीं बना पाए। वह सात के कुल स्कोर पर आउट हुए।
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उनके बाद पुजारा और मुरली विजय (8) ने संघर्ष करने की कोशिश की, लेकिन मेजबान टीम के कप्तान फाफ डु प्लेसिस द्वारा किए गए गेंदबाजी में बदलाव के कारण विजय का संघर्ष ज्यादा देर चल नहीं सका। विजय, कागिसो रबाडा की बाहर जाती गेंद पर कवर ड्राइव खेलने गए तभी गेंद उनके बल्ले का बाहरी किनारा लेकर डी कॉक के हाथों में चली गई। विकेटकीपर ने यहां कोई गलती नहीं की और विजय को पवेलियन लौटना पड़ा।

भारत ने टॉस जीता और कोहली ने तेज गेंदबाजों की मददगार मानी जा रही इस विकेट पर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया। उनका यह फैसला दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों के सामने गलत साबित हुआ जो लगातार अपनी उछाल और स्विंग से मेहमान टीम की सलामी जोड़ी को परेशान कर रहे थे। भारत को पहला झटका लोकेश राहुल के रूप में लगा। फिलेंडर की एक शानदार इनस्विंग गेंद उनके बल्ले का अंदरूनी किनारा लेकर विकेटकीपर डी कॉक के हाथों में जा समाई। राहुल एक भी रन नहीं बना पाए। वह सात के कुल स्कोर पर आउट हुए।

उनके बाद पुजारा और मुरली विजय (8) ने संघर्ष करने की कोशिश की, लेकिन मेजबान टीम के कप्तान फाफ डु प्लेसिस द्वारा किए गए गेंदबाजी में बदलाव के कारण विजय का संघर्ष ज्यादा देर चल नहीं सका। विजय, कागिसो रबाडा की बाहर जाती गेंद पर कवर ड्राइव खेलने गए तभी गेंद उनके बल्ले का बाहरी किनारा लेकर डी कॉक के हाथों में चली गई। विकेटकीपर ने यहां कोई गलती नहीं की और विजय को पवेलियन लौटना पड़ा।

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