भारत ने जीता टॉस, बांग्लादेश को बल्लेबाज़ी के लिए किया आमंत्रित

निदास ट्रॉफी : फाइनल

नई दिल्ली: निदास ट्रॉफी के फाइनल में आज को मजबूत भारत का सामना उलटफेर करने की आदि हो चुकी बांग्लादेश से आर. प्रेमदासा स्टेडियम में होगा। भारत को इस टी-20 ट्राई सीरीज के पहले मैच में श्रीलंका से हार मिली थी, लेकिन इसके बाद उसने धमाकेदार वापसी करते हुए फाइनल में प्रवेश किया है। वहीं बांग्लादेश ने इस सीरीज में दो जीत हासिल की हैं और दोनों बार श्रीलांका को मुंह की खानी पड़ी है। दो बार भारत से हार चुकी बांग्लादेश की नजरें एक और उलटफेर कर खिताब अपने नाम करने पर होंगी, लेकिन उसकी राह किसी भी कीमत पर आसान नहीं है। भारतीय टीम भी बांग्लादेश के अप्रत्याशित व्यवहार से वाकिफ है और इसी कारण वह उसे हल्के में नहीं ले सकती।

सीरीज में टीम इंडिया की कैसी थी बल्लेबाजी

भारत ने इस सीरीज में अच्छा प्रदर्शन किया है। फाइनल में आने से पहले उसकी सबसे बड़ी चिंता कप्तान रोहित शर्मा की फॉर्म भी दूर हो गई है। रोहित ने बांग्लादेश के खिलाफ खेले गए पिछले मैच में अर्धशतकीय पारी खेल वापसी करते हुए बांग्लादेश के माथे पर शिकन ला दी है। वहीं, उनके जोड़ीदार शिखर धवन इस सीरीज में खेले गए अभी तक के तीन मैचों में दो अर्धशतक लगा चुके हैं। अनुभवी बल्लेबाज सुरेश रैना ने भी पिछले मैच में तूफानी 47 रनों की पारी खेल अपनी चमक बिखेरी थी। इन तीनों के अलावा मनीष पांडे और दिनेश कार्तिक ने भी अहम समय पर संयम से खेलते हुए भारत को जीत दिलाई हैं।

भारतीय टीम के लिए चिंता का विषय

बल्लेबाजी भारत की परेशानी नहीं है, लेकिन उसके लिए कुछ चिंता का विषय है तो वो है गेंदबाजी। अपने अनुभवी गेंदबाजों को आराम देकर भारत ने इस सीरीज में अपने युवा गेंदबाजों को मौका दिया है। पहले मैच में बुरी तरह से पिटने के बाद इन युवा गेंदबाजों ने अच्छी वापसी की है लेकिन अनुभव की कमी और बांग्लादेशी बल्लेबाजों का आक्रामक रवैय उनका मनोबल तोड़ सकता है। टीम में युजवेंद्र चहल और वॉशिंगटन सुंदर के रूप में दो स्पिनर हैं। वहीं शार्दूल ठाकुर ने भी अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया है। जयदेव उनादकट दो मैचों में महंगे साबित हुए थे और इसलिए तीसरे मैच में मोहम्मद सिराज को मौका मिला था, लेकिन यह युवा गेंदबाज कुछ ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ पाया था। हरफनमौला खिलाड़ी विजय शंकर को बल्ले से अपने आप को साबित करने का ज्यादा मौका नहीं मिला है लेकिन उन्होंन गेंद से अपनी छाप छोड़ी है।

पांच साल से नहीं जीती कोई ट्राई सीरीज

लिमिटेड ओवर फॉर्मेट (वनडे और टी20) में टीम इंडिया ने पिछले 5 सालों से कोई ट्राई सीरीज नहीं जीती है। भारत ने पिछली ट्राई सीरीज जून 2013 में वेस्ट इंडीज में जीती थी। जब उसने फाइनल में श्रीलंका को एक बॉल बाकी रहते दो विकेट से हराया था। टी20 फॉर्मेट में टीम इंडिया ने आखिरी सीरीज 2017 में वेस्ट इंडीज से 0-1 से हारी थी। इसके बाद से भारत ने अगली पांच सीरीज में से चार जीतीं और ऑस्ट्रेलिया के साथ 1-1 से ड्रॉ खेला। भारत ने आखिरी टी20 सीरीज साउथ अफ्रीका के साथ खेली थी। जिसमें उसने मेजबान टीम को 2-1 से हराया था।

श्रीलंका को हरा बांग्लादेश का हौंसला सातवें अासमान पर

वहीं बांग्लादेश अहम मुकाबले में श्रीलंका को मात देकर फाइनल में पहुंचा है। ऐसे में उसका आत्मविश्वास सांतवें आसमान पर होगा। पिछले मैच में शाकिब अल हसन की वापसी से टीम को मजबूती मिली है। कप्तान के तौर पर लौटते ही उन्होंने अपनी टीम को अहम जीत दिलाई।

बांग्लादेश की सीरीज में कैसी थी बल्लेबाजी

बांग्लादेश की बल्लेबाजी पूरी सीरीज में शानदार रही है। सलामी जोड़ी तमीम इकबाल और लिटन दास ने टीम को अच्छी शुरुआत दी और उसके बाद मुश्फीकुर रहीम, सौम्य सरकार, महमुदुल्लाह ने टीम के मध्यक्रम को मजबूत किया है। महमुदुल्लाह की ही 18 गेंदों में खेली गई 43 रनों की पारी के दम पर बांग्लादेश ने श्रीलंका को मात देकर फाइनल में प्रवेश किया है। इस मैच में इकबाल ने भी अर्धशतक जड़ा था। टीम प्रबंधन एक बार फिर इन दोनों से इसी तरह की उम्मीद करेगा।

इस प्रकार हैं टीमें

भारत: रोहित शर्मा (कप्तान), शिखर धवन (उप-कप्तान), लोकेश राहुल, सुरेश रैना, मनीष पांडे, दिनेश कार्तिक (विकेटकीपर), दीपक हुड्डा, वाशिंगटन सुंदर, युजवेंद्र चहल, अक्षर पटेल, विजय शंकर, शार्दूल ठाकुर, जयदेव उनादकट, मोहम्मद सिराज और ऋषभ पंत।

बांग्लादेश: शाकिब अल हसन (कप्तान), महामुदुल्लाह, तमीम इकबाल, सौम्य सरकार, इमरुल कायेस, मुश्फीकुर रहीम (विकेटकीपर), सब्बीर रहमान, मुस्ताफीजुर रहमान, रुबेल हुसैन, तस्किन अहमद, अबु हैदर, अबु जायेद, अरिफुल हक, नजमुल इस्लाम, नुरुल हसन, मेहदी हसन और लिटन दास।

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