अंतर्राष्ट्रीय

आतंकी को जिहाद का मलाल नहीं, सता रहा 3 तलाक का गम

नई दिल्ली: पिछले सप्ताह राजधानी में गिरफ्तार किए गए अल-कायदा के आतंकी सूमोन हक उर्फ समयू रहमान उर्फ हमदन उर्फ राजू भाई से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।

कुछ खुलासे आतंकी साजिशों से जुड़े हैं तो कुछ उसकी निजी जिंदगी से भी। इस आतंकी ने पूछताछ में बताया है कि अल-कायदा के लिए काम करने वाले चार और कथित आतंकवादी भारत में घूम रहे हैं।

उसने अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के संपर्क में होने की बात बताई है। साथ ही उसने यह भी कहा है कि उसे आतंकी साजिशों में शामिल होने का कोई मलाल नहीं, लेकिन अपनी बीवी को फोन पर तीन तलाक देने को बेहद अफसोस है।

अल कायदा आतंकी NCR में भी ऐक्टिव!


सूत्रों का कहना है कि लक्ष्मीनगर से दबोचे गए ब्रिटिश नागरिक समयू रहमान ने अल-कायदा से जुड़े सात और सदस्यों के बारे में जानकारी दी है।

इनमें चार भारत में हैं और तीन बांग्लादेश में रह रहे हैं। इनमें से एक दिल्ली-एनसीआर में भी हो सकता है। इनका इरादा म्यांमार ही नहीं बल्कि भारत में भी दहशत फैलाने का है।

सूमोन बांग्लादेश में अल-कायदा के एक टॉप कमांडर के सीधे टच में था। यही नहीं, वह अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम के एक साथी के भी संपर्क में था। पता लगाया जा रहा है कि कहीं दाउद फिर से भारत में हमले की साजिश तो नहीं रच रहा।

दहशत फैलाना था टारगेट
समयू से पूछताछ में पता लगा है कि वह दो बार सीरिया गया था, जिसमें एक बार ट्रेनिंग लेकर आया और दूसरी बार भारत के खिलाफ दिशा-निर्देश लेने गया था।

फिलहाल वह मिजोरम और मणिपुर में ट्रेनिंग सेंटर बनाने की फिराक में था। जहां रोहिंग्यो मुसलमानों की फौज बनाकर इन्हें म्यांमार आर्मी के सामने खड़ा करने का मकसद था। अल-कायदा का निशाना भारत में भी दहशत फैलाने का था।

बीवी को तीन तलाक देने का गम

समयू रहमान का कहना है कि उसे आतंकी साजिशों में शामिल होने का कोई अफसोस नहीं है, लेकिन उसे सबसे बड़ा दुख इस बात का है कि उसने अपनी बीवी को फोन पर तीन तलाक दे दिया था।

उसने बताया कि उसकी बीवी ने उसे ढाका जेल से रिहा करवाने के लिए काफी कोशिशें की थीं। रहमान के मुताबिक, 2015 में जेल में रहने के दौरान ही उसने सबीना (बदला हुआ नाम) से निकाह किया था और अप्रैल 2017 में जेल से बाहर आते ही उसने तीन बार तलाक बोलकर उसे तलाक दे दिया।

रहमान अब सबीना से फिर मिलना चाहता है, लेकिन अब उसका किसी और के साथ निकाह हो गया है।

रहमान ने पूछताछ में बताया कि वह और उसकी बीवी लंदन में आसपास ही रहा करते थे और एक ही स्कूल में पढ़ाई करते थे। सबीना उसके प्रति आकर्षित थी, लेकिन रहमान की प्राथमिकताएं अलग थीं।

उसे पार्टी करना और अलग-अलग लड़कियों को डेट करना पसंद था। उसे दो बार ड्राइविंग से संबंधित अपराधों के लिए जेल जाना पड़ा।

2010-12 के दौरान उसे 18 महीने जेल में बिताए। सूत्रों ने बताया कि जेल में अल-कायदा के कमांडरों ने उसके कट्टरपंथी बनाया।

जेल के छूटने के बाद उसे ट्रेनिंग के लिए अफ्रीकी देश रिपब्लिक ऑफ मौरितानिया भेजा गया और बाद में उसे सीरिया भेजा गया जहां उसे अलकायदा के सहयोगी संगठन अलनसूरा के लिए काम करने को कहा गया।

रहमान 2014 में लंदन लौटा और उसकी सबीना से एक छोटी मुलाकात हुई। पुलिस के रेडार पर आने के चलते वह सबीना को बिना बताए तुरंत बांग्लादेश चला गया।

ढाका पहुंचने के 2 महीने के अंदर ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया। सूत्रों ने बताया कि इस दौरान रहमान ने सबीना से संपर्क साधा और मदद मांगी।

जेल से वह सबीना को फोन किया करता था। सबीना भी उसकी जमानत का इंतजाम करने की कोशिश में जुट गई। इस दौरान दोनों की अनगिनत बार फोन पर बात हुई। दोनों को प्यार हुआ और जेल में रहते हुए ही दोनों ने निकाह कर लिया।

अप्रैल 2017 में रहमान का जेल से रिहा होना तय था, लेकिन रिहा होते ही रहमान को उसकी प्राथमिकता (जिहाद) याद दिलाई गई। जेल से छूटते ही उसने सबीना को आखिरी बार कॉल किया और उसे तीन तलाक कह दिया।

इसके बाद वह गायब हो गया। अल-कायदा ने उसे भारत में रोहिंग्या शरणार्थियों को भर्ती करने की जिम्मेदारी सौंपी।

उसे दिल्ली, मणिपुर और मिजोरम में बेस बनाकर भारत के खिलाफ युद्ध शुरू करने और म्यामांर की सेना से लड़ने का जिम्मा दिया गया। इस दौरान दिल्ली में उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

Summary
Review Date
Reviewed Item
जिहाद का मलाल
Author Rating
51star1star1star1star1star
Tags

Related Articles

Leave a Reply