‘दीपावली मनाने वाली महिलाएं अब मुस्लिम नहीं’- दारुल उलूम

प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में कुछ मुस्लिम महिलाओं ने भगवान राम की पूजा अर्चना की और दीपक जलाकर दिवाली मनाई थी.

इस बात से दारुल उलूम नाराज है. दारुल उलूम ने कहा है कि अल्लाह के अलावा किसी और की पूजा करने वाले को मुसलमान नहीं माना जा सकता. जिन महिलाओं ने ये आरती की है वो मुसलमान नहीं रहीं.

आरती करने वाली नाजनीन अंसारी का कहना है कि वो संस्कृति और हिंदू-मुस्लिम के सामाजिक एकीकरण के लिए काम करती हैं.

भगवान श्री राम हमारे पूर्वज हैं मगर अपने पूर्वजों को नहीं बदल सकते. आरती के साथ ही उन्होंने हनुमान चालीसा का भी पाठ किया था.

इससे पहले भी सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें शेयर करने वाले मुसलमानों के लिए दारुल उलूम फतवा जारी कर चुका है.

दारुल उलूम देवबंद ने लोगों को फेसबुक, इंस्टाग्राम और स्नैपचेट जैसी सोशल मीडिया साइट पर तस्वीरें डालने न डालने की नसीहत दी थी.

सोशल मीडिया पर मुस्लिम महिलाओं और पुरुषों के तस्वीरें पोस्ट करने को गैर इस्लामी बताया था.

 

 

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