अंतर्राष्ट्रीय

रोहिंग्या पर फैसले से पहले ऐक्शन मोड में सरकार

नई दिल्ली: केंद्र सरकार रोहिंग्या मुस्लिमों पर कानूनी लड़ाई और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच किसी तरह का समझौता करने या स्टैंड बदलने के मूड में नहीं है।

अधिकारियों की कमिटी बनाई गई है जो रोहिंग्या मुस्लिमों को देश में प्रवेश करने से रोकने के लिए सीमा पर चौकसी बढ़ाने और पहले से मौजूद रोहिंग्या को देश से बाहर करने की रणनीति पर काम करेगी।

कमिटी अभी नार्थ-ईस्ट के दौरे पर है जहां अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मिजोरम, नगालैंड राज्यों में सीमा पर हालात का जायजा लिया गया।

रोहिंग्या मुस्लिमों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं। सूत्रों के अनुसार कमिटी म्यांमार का भी दौरा कर सकती है और रोहिंग्या को कैसे वापस भेजें, इस बारे में बात कर सकती है।

रोहिंग्या को देश से बाहर करने की दिशा में 2 महीने के अंदर यह दूसरी बड़ी पहल है। इससे पहले 8 अगस्त को होम मिनिस्ट्री ने सभी राज्यों को अडवाइजरी जारी करते हुए कहा था कि वे तत्काल प्रभाव से रोहिंग्या को देश से बाहर करें।

यह अडवाइजरी तब जारी हुई थी जब बिहार के बोधगया बम ब्लास्ट में रोंहिग्या की भूमिका सामने आई थी।

हालांकि इस अडवाइजरी के जारी होने के बाद इस मामले में कई घटनाक्रम सामने आए और यह बड़ा अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बन गया।

यूएन सहित कई देशों ने भारत को रोहिंग्या मामले में अपने स्टैंड पर नरम रुख अपनाने को कहा। होम मिनिस्ट्री के अनुसार अगले एक महीने में रोहिंग्या को देश से बाहर करने की पूरी रणनीति बन जाएगी और जल्द से जल्द इसे पूरा कर लिया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि रोहिंग्या के मामले में मानवता के आधार पर उनके लिए 620 टन भोजन खाना, पानी बांग्लादेश भेजा है।

लेकिन उनकी आड़ में कोई आतंकवादी देश में घुस आए, यह स्वीकार नहीं होगा। गडकरी ने कहा कि रोहिंग्या को लेकर सरकार ने अपना रुख साफ कर दिया है और बाकायदा इस बारे में अदालत में हलफनामा भी दाखिल किया गया है।

लापता हिंदुओं की तलाश तेज

म्यांमार के हिंसाग्रस्त रखाइन प्रांत के पास 28 शवों वाला एक सामूहिक कब्रगाह मिलने के बाद सैनिक दर्जनों लापता हिंदुओं की तलाश में जुट गए हैं। सेना का कहना है कि यह जनसंहार रोहिंग्या मुस्लिम आंतकवादियों ने किया है।

Summary
Review Date
Reviewed Item
रोहिंग्या मुस्लिम
Author Rating
51star1star1star1star1star
Tags

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.