2018 के आखिर तक 7.5 लाख वाई-फाई हॉटस्पॉट्स स्थापित करेगी सरकार

नई दिल्ली: डिजिटल इंडिया की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। इसके तहत पूरे देश में अगले साल के आखिर तक वाई-फाई के जरिए कम से कम 7.5 लाख पब्लिक इंटरनेट हॉटस्पॉट्स स्थापित किए जाएंगे।

मुख्य तौर पर अर्ध-शहरी और ग्रामीण इलाकों में हाई स्पीड इंटरनेट की सुविधा मुहैया कराने के मकसद से किए गए इस फैसले में कई प्राइवेट कंपनियां भी अपनी सेवाएं देंगी।

टेलीकॉम सचिव अरुणा सुंदराजन ने बताया कि इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स के अलावा, रिलायंस जियो, एयरटेल, वोडाफोन, आइडिया और सरकारी कंपनी बीएसएनएल की मदद से इस योजना को पूरा किया जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘इसके पीछे सरकार की मंशा हाई स्पीड और सस्ते इंटरनेट के जरिए ई-गवर्नेंस और डिजिटल-डिवलेपमेंट इनिशटिव्स को आगे बढ़ाना है।

दुनिया के कई देशों में डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्टर की रीढ़ वाई-फाई होता है, लेकिन भारत इस मामले में काफी पीछे हैं।

आंकड़ों के मुताबिक, साल 2016 तक भारत में सिर्फ 31,000 हॉट स्पॉट थे। दूसरे देशों की बात करें तो फ्रांस में 1.3 करोड़, अमेरिका में 98 लाख और ब्रिटेन में 56 लाख वाई फाई हॉट स्पॉट मौजूद हैं।

सुंदराजन ने कहा कि सभी ग्राम पंचायतों में ऑप्टिक फाइबर नेटवर्क बिछाने का काम तेजी से चल रहा है। उन्होंने बताया, ‘अभी तक 75,000 ग्राम पंचायतों में यह किया जा चुका। हमारा लक्ष्य दिसंबर तक एक लाख ग्राम पंचायतों को कवर करना है।’

टेलिकॉम मंत्रालय वाई-फाई के इस मेगा प्रॉजेक्ट के लिए टेंडर जारी करेगा। मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों की एक हाई लेवल मीटिंग भी बुलाई जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं को पहुंचाने के तरीकों पर विचार किया जाएगा।

टेलिकॉम सचिव ने कहा कि एक तरफ टेलिकॉम कंपनियां पूरे देश में तेजी से 4G नेटवर्क फैला रही हैं, लेकिन ग्रामीण इलाकों में यह काम काफी धीमा है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजना उन इलाकों में हाई स्पीड इंटरनेट पहुंचाने की है।

सरकार चाहती है कि हर ग्राम पंचायत में तीन वाई-फाई स्पॉट हों। सरकार का लक्ष्य हर ग्राम पंचायत को एक GB डेटा देने का है।

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