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वायुसेना ने कहा, शॉर्ट नोटिस पर युद्ध को तैयार

हिंडन: वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने कहा है कि भारतीय वायु सेना शॉर्ट नोटिस पर भी युद्ध लड़ने और देश में किसी भी सुरक्षा चुनौती का जवाब मुंहतोड़ तरीके से देने के लिए तैयार है।

वायुसेना प्रमुख ने यह भी कहा कि क्षेत्र में मौजूदा भू-राजनीतिक माहौल में अनिश्चितताओं को देखते हुए वायु सेना को शॉर्ट और तेज युद्ध लड़ना पड़ सकता है।

वायुसेना दिवस के मौके पर वायुसेना कर्मियों को संबोधित करते हुये धनोआ ने कहा, ‘अगर जरूरत पड़ी तो हम शॉर्ट नोटिस पर जंग के लिये तैयार हैं।’

ये बयान ऐसे समय में आये हैं जब चीन डोकलाम पठार क्षेत्र में शक्ति प्रदर्शन कर रहा है और जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान की ओर से सीमापार से आतंकी गतिविधियां जारी हैं।

वायु सेना प्रमुख ने देश के सामने मौजूद संभावित सुरक्षा चुनौती समेत अनेक मुद्दों पर चर्चा की और कहा कि वायु सेना का अगले कुछ सालों में एक तकनीकी रूप से सक्षम बल बनाने पर जोर है।

उन्होंने थलसेना प्रमुख जनरल विपिन रावत और वायु सेना के शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी में कहा, ‘मैं अपने देशवासियों को विश्वास दिलाता हूं कि मेरी कमान के पुरुष और महिलाएं किसी भी संकट से निपटने का हौसला रखते हैं और पूरी तरह हवाई परिचालन के लिए और किसी भी चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।’

एयर चीफ मार्शल ने वायु सेना की एक पुस्तिका में अलग से अपने संदेश में लिखा कि क्षेत्र में मौजूदा माहौल में अनिश्चितताओं को देखते हुए वायु सेना को अलग-अलग चुनौतीपूर्ण हालात में काम करना पड़ सकता है।

उन्होंने कहा, मौजूदा भू-राजनीतिक माहौल में संघर्ष की स्थिति में हमें एक छोटी और तेज लडाई लड़नी पड़ सकती है, जिसके लिए हमें सतर्क और शॉर्ट नोटिस पर तैयार रहना होगा। वायु सेना के जेट विमानों और हेलीकॉप्टरों ने इस मौके पर रोमांचक उड़ान भरी और बल की क्षमताओं का प्रदर्शन किया।

धनोआ ने वायु सेना के कुछ जवानों को वायु सेना पदक से भी सम्मानित किया। अपने भाषण में उन्होंने शुक्रवार को तवांग में एमआई-17 हेलीकॉप्टर की दुर्घटना का भी जिक्र किया, जिसमें सात सैन्यकर्मी मारे गए।

उन्होंने कहा, ‘हमारी उड़ान की उच्च तीव्रता के बावजूद हम दुर्घटनाओं और बेशकीमती जानों और संपत्ति का नुकसान सहने की हालत में नहीं हैं।

धनोआ ने कहा कि पठानकोट बेस पर आतंकी हमले के बाद वायु सेना के सभी केंद्रों पर सुरक्षा मजबूत कर दी गई है। वायु सेना प्रमुख ने बल के अधिग्रहण कार्यक्रम को भी रेखांकित किया।

उन्होंने यह भी कहा कि वायुसेना बहुपक्षीय रणनीतिक क्षमताएं हासिल कर रही है और थल सेना व नौसेना के साथ मिलकर संयुक्त रूप से काम करने के लिये प्रतिबद्ध है।

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