वाह रेलवे …! चोटिल यात्री इलाज के लिए तड़पता रहा..20 मिनट तक जिम्मेदार फोन ही लगाते रहे ..

कब मिलेंगी यात्रियों को मूलभूत सुविधायें ..?

रायपुर: यात्रियों की सुरक्षा और सेवा के दावे के प्रति सजग रेलवे की पोल एक बार फिर उस वक्त खुल गई, जब रायपुर रेलवे मंडल के अंतर्गत बिलासपुर से रायपुर आने वाले एक यात्री का दुर्घटना में हाथ फ्रैक्चर हो गया ,लेकिन तड़पते यात्री को 20 मिनट तक मेडिकल सुविधा नहीं मिल पाई.

हैरानी की बात ये है कि घटना के वक्त वहां मौजूद जिम्मेदार आरपीएफ के जवान भी फोन लगाते रहे .लेकिन काफी इन्तेजार के बाद उनकी ही सुनवाई हो पाई.

तब जाकर कहीं उक्त यात्री को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया. ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर कब यात्रियों को रेलवे में स्वास्थ सुविधाएं शीघ्र मिलेंगी …?

इस बीच यात्री स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर -2 में ही तड़पता रहा .लिहाजा काफी दर्द और इन्तेजार के बाद उक्त यात्री को अस्पताल में भर्ती कराया गया .हालांकि इस घटना में घायल युवक अपनी ही गलती की वजह से चोटिल हुआ .

क्लिपर 28 की टीम इस घटना के वक्त रायपुर रेलवे स्टेशन में मौजूद थी . दरअसल हुआ यूँ कि प्लेटफार्म नंबर-2 से बिलासपुर के समीर केरकेट्टा बाहर निकलने के लिए सीढियों का रास्ता न अपनाकर पटरियों को क्रॉस कर रहे थे , इसी दौरान पाइप की नली में समीर का पैर फंस गया और वो सीधा पटरियों के बीच गिर पड़ा ,इस घटना में यात्री का बायां हाथ फ्रैक्चर हो गया .घटना करीब पौने दो बजे की है .

घटना करीब पौने दो बजे की है . जब यात्री का पैर फंसा और वो पटरी के पास गिर पड़ा. घायल यात्री की मदद के लिए वहां मौजूद लोगों ने हाथ बढाया.लेकिन रेलवे की मदद न मिलने तक यात्री चीखता और दर्द से तड़पता रहा . घटना की सुचना के बाद स्टेशन में मौजूद रेलवे को दी . 20 मिनट के बाद उस यात्री को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए भेज दिया गया .

उल्लेखनीय है कि रेलवे में ऐसी कई घटनायें सामने आती रहीं है ,बावजूद इसके इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है . भारतीय रेलवे में स्वास्थ सुविधाओं की कमी का खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है .

advt

Back to top button