पोस्टिंग को लेकर एयरफोर्स से भिड़ीं पूजा ठाकुर, SC पहुंचा मामला, ओबामा को दी थी सलामी

राष्ट्रपति बराक ओबामा को गार्ड ऑफ ऑनर देकर चर्चा में आईं विंग कमांडर पूजा ठाकुर एकबार फिर चर्चा में हैं। पूजा ठाकुर के मामले में भारतीय वायुसेना ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और आरोप लगाया है कि महिला अधिकारी हमेशा से दिल्ली पोस्टिंग की मांग करती आ रही हैं और कठिन क्षेत्रों में पोस्टिंग में रुचि कम ही लेती हैं और ये एक गलत परंपरा है।

पूजा की इन मांगों के खिलाफ इंडिया एयर फोर्स ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। भारतीय वायुसेना को सशस्त्र बल ट्रिब्यूनल (एएफटी) ने ठाकुर की बहाली को लेकर आईएएफ को आदेश दिए थे।

सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका में वायुसेना ने साफ-साफ लिखा है कि महिला अधिकारी उन दो प्रशिक्षित अधिकारियों में से एक हैं जिन्हें बराक ओबामा को गार्ड ऑफ ऑनर के लिए ट्रेनिंग दी गई थी।

पूजा ठाकुर पर आरोप लगाते हुए भारतीय वायुसेना ने यह भी कहा है कि महिला अधिकारी हमेशा से दिल्ली में पोस्टिंग की मांग करती आ रही हैं और कठिन क्षेत्रों में उनकी रुचि कम ही रही है। वायुसेना ने यह भी कहा कि उन्हें यह भी तय करने का मौका दिया गया था कि वह क्या इस सेवा को जारी रखना चाहती हैं या नहीं यह चयन करने का अधिकार भी उन्हें दिया था।

भारतीय वायुसेना की ओर से विंग कमांडर पूजा ठाकुर को स्थायी कमीशन नहीं देने के बाद तूल पकड़ा था तब विंग कमांडर पूजा ठाकुर ने स्थायी कमीशन के लिए आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल का रुख किया था। तब एएफटी ने पूजा ठाकुर के मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय वायुसेना से इस मामले पर 4 हफ्ते में जवाब मांगा था।

यह विवाद उस वक्त सामने आया था जब भारतीय वायुसेना ने पूजा ठाकुर को स्थायी कमीशन देने से इंकार कर दियाथा । पूजा ठाकुर ने वायुसेना के फैसले को एकतरफा, भेदभावपूर्ण, मनमाना और अनुचित कहा था।

advt
Back to top button