यौन उत्पीड़न के लिए भारतीय मूल की महिला ने वेनस्टेन पर किया मुकदमा

65 वर्षीय फिल्म निर्माता कई अन्य यौन आरोपों का सामना कर रहे हैं

यौन उत्पीड़न के लिए भारतीय मूल की महिला ने वेनस्टेन पर किया मुकदमा

यौन उत्पीड़न के आरोप झेल रहे हॉलीवुड निर्माता हार्वे वेनस्टेन पर भारतीय मूल की उनकी पूर्व व्यक्तिगत सहायक ने मुकदमा कर दिया है। इससे पहले हैशटैग मी टू के चर्चा में आने के दौरान उन्होंने वेनस्टेन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था और कहा था कि वहां काम करने के दौरान यौन विरोधी माहौल था। साल 2013-15 के दौरान दो सालों में वेनस्टेन की व्यक्तिगत सहायक रहने वाली संदीप रिहाल ने 11 पन्नों की शिकायत में जजों से मुकदमा शुरू करने की मांग की है।
[responsivevoice_button voice=”Hindi Female” buttontext=”अगर आप पढ़ना नहीं
चाहते तो क्लिक करे और सुने”]
न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिला अदालत में 25 जनवरी को दाखिल अपने मुकदमे में रिहाल ने आरोप लगाया है कि दो साल से भी अधिक समय तक उन्हें वेनस्टेन की कंपनी में व्यापक स्तर पर फैले और गंभीर यौन विरोधी माहौल में काम करना पड़ा। वहां पर उन्हें अंतहीन घृणास्पद, अपमानजनक और यौन प्रताड़ना वाली गतिविधियों और टिप्पणियों के साथ बॉस के हाथों छूए जाने का सामना करना पड़ा। मुकदमे के एक दिन बाद शुक्रवार को कोर्ट ने वेनस्टेन और उनकी कंपनी को समन जारी करते हुए आरोपों पर 21 दिन में जवाब देने को कहा है।

बता दें कि 65 वर्षीय फिल्म निर्माता कई अन्य यौन आरोपों का सामना कर रहे हैं जिनमें से अनेक न्यूयॉर्क टाइम्स सहित अन्य अमेरिकी मीडिया में रिपोर्ट हुई हैं। इस मुकदमे में वेनस्टेन की कंपनी के साथ उनके भाई बॉब वेनस्टेन और उनके एचआर हेड फ्रैंक गिल का भी नाम है। वेनस्टेन की प्रवक्ता ने कहा है कि वेनस्टेन ने सभी आरोपों का खंडन कर दिया है। उनके वकील उपयुक्त कानूनी मंच पर सबूत के साथ उन सभी को गलत साबित कर देंगे।

वेनस्टेन पर लगे आरोपों के साथ सोशल मीडिया पर मी टू अभियान की शुरुआत हुई थी। यह हैशटैग 85 देशों के लाखों लोगों तक पहुंचा था।

advt
Back to top button