उड़ान में देरी के कारण विश्व कप छोड़ने को मजबूर हुई भारतीय तीरंदाज

कोलकाता : भारतीय तीरंदाजी को उस समय एक बड़ी शर्मिंदगी झेलनी पड़ी जब भारतीय तीरंदाजों को शनिवार सुबह एयरपोर्ट से वापस लौटा दिया गया। 23 सदस्यीय दल को विश्व कप में खेलने के लिए मैडलिन (कोलंबिया ) खेलने के लिए जाना था लेकिन उन्हें एमस्टर्डम जाने वाली फ्लाइट पर नहीं चढ़ने दिया गया।

23 सदस्यीय दल को शनिवार सुबह दिल्ली से एम्स्टर्डम के लिए रॉयल डच एयरलाइंस केएलएम 872 में बैठाया, लेकिन ‘परिचालन संबंधी मुद्दों’ के कारण उड़ान दो घंटे 53 मिनट देरी से शुरू हुई, जिसके बाद खिलाड़ी मेडेलिन से अपनी आगे की यात्रा शुरू नहीं कर पाए।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, भारतीय खेल प्राधिकरण से यात्रा के लिए मंजूरी मिलने में देरी हुई थी क्योंकि फ्लाइट बुकिंग काफी देर से हुई थी और इवेंट अपने शेड्यूल के हिसाब से तय था। नाम न छापने की शर्त पर सूत्र ने बताया, पाकिस्तान ने हवाई क्षेत्र खोल दिए हैं लेकिन पश्चिम की सभी उड़ानें अभी भी लंबी दूरी तय कर रही हैं। बताया गया कि मंत्रालय को इसके लिए पहले से ही योजना बना लेनी चाहिए थी।

खबरों के मुताबिक, खिलाड़ियों को बताया गया कि एम्सटर्डम पहुंचने में 80 मिनट का विलंब होगा और ऐसे में बगोटा के लिए उनकी कनेक्टिंग फ्लाइट छूट जाएगी। साथ ही बगोटा से मैडलिन की फ्लाइट भी नहीं मिल पाएगी।

इसके बाद भारतीय टीम के पास इवेंट को छोड़ने के अलावा पास कोई विकल्प नहीं था, कोच पूर्णिमा महतो ने बताया, ‘इतनी बड़े टीम सदस्य के लिए कोई वैकल्पिक उड़ान उपलब्ध नहीं थी। हमने अलग-अलग विकल्पों की कोशिश की लेकिन सोमवार से पहले पहुंचना संभव नहीं था। अब हमें पुणे में अपने कैंप में लौटना होगा।’

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