सेना ने POK में घुसकर लिया सैनिकों की शहादत का बदला, 45 मिनट में कार्रवाई करके लौटे कमांडो

भारतीय सेना ने पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में घुसकर पाकिस्तान की ओर से संघर्ष विराम उल्लंघन में शहीद हुए चार सैनिकों का बदला लिया है।

सेना ने POK में घुसकर लिया सैनिकों की शहादत का बदला, 45 मिनट में कार्रवाई करके लौटे कमांडो

भारतीय सेना ने पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में घुसकर पाकिस्तान की ओर से संघर्ष विराम उल्लंघन में शहीद हुए चार सैनिकों का बदला लिया है।

सेना के पुंछ रेजिमेंट के चार घातक कमांडो रविवार शाम करीब छह बजे एलओसी पार कर पाक सेना के तीन जवानों को मार गिराया और एक को बुरी तरह घायल कर दिया। सेना सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान के मारे गए जवान 59 बलूच रजिमेंट के 2 ब्रिगेड के थे।

सेना के खुफिया विभाग से आ रही रिपोर्ट के मुताबिक अपने घातक कमांडो ने तीन से ज्यादा पाक सैनिकों को मारा है। लेकिन संख्या की पुष्टि नहीं हो पा रही है।

गौरतलब है कि पाक सेना ने शनिवार को पीर पंजाल घाटी के रजौरी में अकारण गोलीबारी शुरु कर दी थी। इस दौरान स्नाईपर से फायरिंग कर खासतौर पर इन्हें निशाना बनाया गया था। इसमें भारतीय सेना के एक मेजर और तीन जवान शहीद हो गए थे।

सेना सूत्रों ने बताया कि पाक की इस कार्रवाई के 24 घंटे के भीतर घातक कमांडो ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार किया औरकरीब 300 मीटर भीतर जाकर पीओके के रावलकोट सेक्टर में इस कार्रवाई को अंजाम दिया।

यह घातक कमांडो भारतीय सेना के 25 डिविजन केपुंछ ब्रिगेड के हैं। अपनी कार्रवाई को सफाई से अंजाम देकर चारो कमांडो सुरक्षित वापस आ गए। जब यह कार्रवाई चल रही थी तब दोनों ओर से जबरदस्त फायरिंग चल रही थी।

ऐसी कार्रवाई क्यों –

सेना के अधिकारी ने बताया कि यह स्थानीय स्तर पर की गई कार्रवाई है। अधिकारी केमुताबिक एलओसी पर पाकिस्तान की तरफ से ऐसा कोई भी दुस्साहस होता है तो सेना 24 से 48 घंटे केभीतर त्वरित कार्रवाई करती है।

सीमा की सबसे अग्रिम पोस्ट पर तैनात जवानों का मनोबल बनाए रखने केलिए ऐसी कार्रवाई की जाती है। ऐसे कार्रवाई की रुपरेखा मौके और हालात के आधार पर ली जाती है।

कौन हैं घातक कमांडो-

सूत्रों केमुताबिक सेना के हरेक ब्रिगेड में एलओसी पर ऐसी कार्रवाई केलिए खास तौर पर प्रशिक्षित कमांडो की अगल टुकड़ी होती है। इसे सेना की भाषा में घातक कमांडो कहते हैं। सर्जिकल स्ट्राईक जैसी बड़ी कार्रवाई में एलओसी पर बिछाए गए माइंस को साफ करते हुए हमलावर दस्ते के लिए लक्ष्य तक पहुंचने का रास्ता यही घातक कमांडों बनाते हैं।

इतना ही नहीं सकुशल वापस लौटने का रास्ता तैयार करने में भी इनकी महारथ होती है। पिछले साल एलओसी पार सेना के सर्जिकल स्ट्राईक में घातक कमांडों की अहम भूमिका थी। रविवार की इस ताजा कार्रवाई को सिर्फ चार घातक कमांडो ने अंजाम दिया।

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