अंतर्राष्ट्रीय

इजराइल-अमेरिका से ड्रोन लेगी भारतीय सेना, चीन से लगी सीमा पर और सख्त होगी निगरानी

भारत लगातार अपनी सैन्य ताकत और क्षमता में इजाफा करने में जुटा हुआ है

भारत और चीन (India and China) के बीच लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LaC) पर बीते जून महीने से सीमा विवाद जारी है. भारत लगातार अपनी सैन्य ताकत और क्षमता में इजाफा करने में जुटा हुआ है. इस बीच चीन सीमा के पास निगरानी के लिए भारतीय सेना के अमेरिका और इजरायल (US and Israel) के साथ ड्रोन की डील की बात सामने आई है.

अपनी क्षमताओं को एक बड़े पैमाने पर मजबूती देने के लिए भारतीय सेना जल्द ही इजरायल से हेरॉन ड्रोन और अमेरिका से मिनी ड्रोन (Heron and mini drones) प्राप्त करने जा रही है, जिनका इस्तेमाल पूर्वी लद्दाख और चीन की सीमा के साथ अन्य क्षेत्रों में दुश्मन की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के लिए किया जाएगा.
सरकारी सूत्रों के जारी बयान के मुताबिक, अपनी निगरानी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए हेरॉन निगरानी ड्रोन का सौदा अंतिम चरण में हैं और उम्मीद की जा रही है कि दिसंबर में इस पर हस्ताक्षर हो जाएंगे. हेरोन्स को लद्दाख क्षेत्र में तैनात किए जाने की तैयारियां चल रही हैं और वे भारतीय सशस्त्र में मौजूदा बेड़े की तुलना में ज्यादा उन्नत होंगे.

आपातकालीन शक्तियों के तहत किया जा रहा सौदा

इन ड्रोनों का अधिग्रहण केंद्र सरकार द्वारा सशस्त्र बलों की तुरंत खरीदारी के लिए दी गई आपातकालीन शक्तियों के तहत किया जाएगा. सूत्रों ने कहा कि इन ड्रोनों का अधिग्रहण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा रक्षा बलों (Defense Forces) को दी गई आपातकालीन वित्तीय शक्तियों के तहत किया जा रहा है, जिसके तहत वे चीन के साथ चल रहे सीमा संघर्ष के बीच अपनी युद्धक क्षमताओं को बढ़ाने के लिए 500 करोड़ रुपये के उपकरण और सिस्टम खरीद सकते हैं.

चीन के साथ संघर्ष में मिलेगी भारत को मदद

सूत्रों के अनुसार, अन्य छोटे या मिनी ड्रोन अमेरिका से खरीदे जा रहे हैं, जिन्हें बटालियन स्तर पर सैनिकों को उपलब्ध कराया जाएगा. हाथ से चलाए जाने वाले ड्रोन (hand-operated drones) का इस्तेमाल किसी विशेष स्थान या क्षेत्र के बारे में जानकारी प्राप्त करने या उस स्थान की निगरानी के लिए किया जाएगा. भारतीय सुरक्षाबल ऐसे हथियारों की खरीद में जुटे हैं, जो चीन के साथ चल रहे संघर्ष में उनकी मदद कर सकते हैं.

बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद भी दिए गए थे ये अधिकार

इससे पहले रक्षा बलों को इस आपातकालीन शक्तियों के तहत खरीदारी की सुविधा साल 2019 में, पाकिस्तान में आतंकवादी शिविरों के खिलाफ बालाकोट एयर स्ट्राइक के ठीक बाद दी गई थी. इसी सुविधा का इस्तेमाल करते हुए, भारतीय नौसेना (Indian Navy) ने हिंद महासागर क्षेत्र में निगरानी के लिए एक अमेरिकी कंपनी से लीज पर दो प्रीडेटर ड्रोन लिए हैं. इन ड्रोन्स की तैनाती पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर की जा सकती है.

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button