भारतीय नौकाचालकों को मिली निराशा, 4 पदकों से चूके

पालेमबांगः भारतीय नौकायन दल के लिए एशियाई खेलों में आज का दिन निराशाजनक रहा जिसमें वे पुरूष सिंगल स्कल्स और डबल स्कल्स जैसी स्पर्धाओं सहित चार पदकों से चूक गये। स्वर्ण पदक के प्रबल दावेदार दत्तू भोकानल से सबसे ज्यादा निराशा हुई क्योंकि सिंगल स्कल्स फाइनल में छठे और अंतिम स्थान पर रहे। उन्होंने आठ मिनट 28.56 सेकेंड का समय लिया। वह इन खेलों से पहले सात मिनट का समय निकाल रहे थे। उन्होंने रेस के बीच में ही जीत की उम्मीद छोड़ दी जिससे मुख्य कोच इस्माइल बेग काफी निराश थे। स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक क्रमश: चीन, कोरिया और जापान ने जीते।

यह पूछने पर कि दो किमी की रेस में क्या गलत हुआ तो भोकानल ने कहा, ‘‘मैं कोई बहाना नहीं बनाना चाहता। यह मेरी योजना के अनुसार नहीं हुआ। अभी मेरी एक और स्पर्धा बाकी है। ’’ डबल स्कल्स में और भी निराशा हाथ लगी जिसमें स्वर्ण सिंह और ओम प्रकाश स्वर्ण पदक जीतने के प्रबल दावेदार माने जा रहे थे। स्वर्ण ने 2014 चरण में सिंगल स्कल्स का कांस्य जीता था, उन्होंने और प्रकाश ने 1000 मीटर में 1.3 सेकेंड से बढ़त बनायी हुई थी। लेकिन उज्बेकिस्तान, चीन और थाईलैंड ने अपने प्रदर्शन में सुधार करते हुए भारतीयों को अंतिम 150 मीटर में पछाड़ दिया जिससे स्वर्ण और प्रकाश चौथे स्थान पर रहे।

स्वर्ण और प्रकाश कांस्य पदकधारियों से एक सेकेंड पीछे रहे। वहीं मलकीत सिंह और गुरिंदर सिंह पुरूष पेयर में जापान से काफी कम अंतर से कांस्य पदक से चूक गये। उन्होंने सात मिनट 10.86 सेकेंड का समय लिया जबकि जापानी पेयर ने सात मिनट 10.53 सेकेंड समय निकाला। स्वर्ण चीन और रजत उज्बेकिस्तान ने जीता। भारत पुरूष लाइटवेट फोर में भी चौथे स्थान पर रहा, जिसमें वे कांस्य पदक जीतने वाली उज्बेकिस्तान से पांच सेकेंड धीमे रहे। स्वर्ण पदक चीन और रजत पदक इंडोनेशिया के नाम रहा। भारत के लिये आज का दिन निराशाजनक रहा लेकिन कल पदकों की उम्मीद है।

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