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ब्रिटेन में बसे भारतीय कारोबारी गंगा सफाई का ज़िम्मा संभालेंगे

ब्रिटेन में बसे भारतीय कारोबारी गंगा सफाई का ज़िम्मा संभालेंगे

गंगा की सफाई के काम में अब भारतवंशियों की ब्रिटिश कंपनियां भी शरीक होंगी. लंदन पहुंचे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि वेदांता कंपनी के प्रमुख अनिल अग्रवाल ने पटना रिवरफ्रंट को गोद लिया है. वहीं फॉरसाइट समूह के रवि मेहरोत्रा ने कानपुर के रिवरफ्रंट की देखरेख का ऑफर दिया है.

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग के अलावा जल संसाधन एवं नदी विकास मंत्रालय का जिम्मा संभाल रहे गडकरी ने कहा, “पटना में पले-बढ़े अनिल अग्रवाल ने वहां गंगा रिवरफ्रंट का जिम्मा लिया है. वहीं मूलत: कानपुर से ताल्लुक रखने वाले रवि मेहरोत्रा वहां के रिवरफ्रंट की देखरेख करेंगे.”

लंदन में इंडियन जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन के एक समूह को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा, “हमारे पास गंगा सफाई से जुड़ी परियोजना के लिए काफी अच्छी योजना है, जिसके तहत 15 साल के रख-रखाव के आधार पर परियोजनाएं दी जा रही हैं. हालांकि कंपनियां चाहें तो वे इनमें जरूरी बदलाव कर सकती है.”

गडकरी ने कहा, “सरकार की योजना प्रदूषण की रोकथाम के लिए इन रिवरफ्रंट पर 10 करोड़ पेड़ लगाने की है. हम गंगा तट को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की योजना पर काम कर रहे हैं.

गडकरी ने इसके साथ ही कहा, “हमारे पास गंगा और उसकी 20 सहायक नदियों के लिए खास टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल के साथ काफी अच्छी योजना है. हमारा विचार गंगा के साथ भावनात्मक जुड़ाव वाली विभिन्न कंपनियों को जिम्मेदारियां देनी है.

गडकरी ने कहा कि नमामि गंगे से जुड़े 95 प्रोजेक्ट्स में से 25 पर काम शुरू हो चुका है और बाकी बची परियोजनाओं की निविदा भी मार्च 2018 के अंत तक शुरू हो जाएंगी. इसके अलावा कर्नाटक और तमिलनाडु में पानी की कमी का संकट दूर करने को लेकर गोदावरी नदी का अतिरिक्त पानी इस्लेमाल में लाने के लिए नदी जोड़ने की महत्वाकांक्षी परियोजना पर भी काम जारी है.

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