भारतीय उद्योगपतियों को बड़ा झटका, ब्रिटेन ने ‘गोल्डन वीजा’ को किया निलंबित

ब्रिटेन: गुरुवार को ऐसे लोगों को अपने देश में असीमित अवधि तक रहने की इजाजत देने वाले ‘गोल्डन वीजा’ को शुक्रवार आधी रात से निलंबित करने की घोषणा की है। जिसके बाद भारत में घपलेबाजी करने के बाद ब्रिटेन पहुंचकर ‘भगोड़ा’ बन जाने वाले भारतीय उद्योगपतियों को बड़ा झटका लग सकता है।

ब्रिटिश अधिकारियों का कहना है कि दुरुपयोग की चिंताओं के चलते यह टियर-1 निवेशक वीजा श्रेणी अगले साल इसे लेकर नए नियम बना लेने तक निलंबित रहेगी।

गोल्डन वीजा की ब्रिटिश आव्रजन मंत्री कैरोलीन नोक्स ने कहा, ब्रिटेन ने हमेशा वैधानिक और असली निवेशक का स्वागत किया है।

लेकिन हम स्पष्ट कर दें कि ऐसे लोगों को सहन नहीं किया जाएगा, जो नियमों से खेल रहे हैं।

माना जा रहा है कि भारत में विभिन्न घोटालों व आपराधिक मामलों में वांछित तमाम उद्योगपतियों ने इसी व्यवस्था के जरिए ब्रिटेन में अपने लिए कानूनी हक हासिल किया हुआ है।

ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अगले साल से लागू होने वाले नए नियमों में स्वतंत्र व नियामक ऑडिटरों को गोल्डन वीजा के लिए आवेदन करने वालों के आकलन का जिम्मा सौंपा जाएगा।

गैर लाभदायक भ्रष्टाचार विरोधी संगठन ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल यूके ने इस कदम का स्वागत किया है।

क्या है गोल्डन वीजा

इस योजना के जरिए कोई भी व्यक्ति 20 लाख पाउंड का निवेश ब्रिटेन में करने के बाद वहां रहने के लिए वीजा हासिल कर सकता था और 5 साल के बाद वहां अनिश्चितकाल तक अवकाश (आईएलआर) बिताने का हकदार बन जाता है।

निवेश की रकम 50 लाख पाउंड होने पर आईएलआर की योग्यता 3 साल में ही मिल जाती है और 1 करोड़ पाउंड के निवेश पर निवेशक अपने परिवार के साथ दो साल में ही वहां अनिश्चतकाल तक रहने का हक हासिल कर लेता है।

इस कारण किया गया निलंबित

दरअसल ब्रिटिश गृह विभाग ने इस साल के शुरू में रूसी डबल एजेंट सर्गेई स्क्रिीपाल और उसकी बेटी यूलिया पर घातक रासायनिक हमले के बाद गोल्डन वीजा पाने वालों की जांच शुरू की थी।

गृह विभाग ने तभी कहा था कि यह जांच मनी लांड्रिंग नेटवर्क को तोड़ने के लिए की जा रही है।

जमकर हो रहा उपयोग

76 भारतीय अमीरों ने इस वीजा का इस्तेमाल किया 2009 से अब तक

16 भारतीयों को 2013 में मिला इसका लाभ, जबकि 7 ने 2017 में लिया गोल्डन वीजा

1000 से भी ज्यादा गोल्डन वीजा लेने में चीनी व रूसी अमीर रहे 2017 में सबसे आगे

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