राष्ट्रीय

हिंद महासागर में पड़ोसी चीन के मुकाबले भारतीय नौसेना मजबूत -सुनील लांबा

सुनील लांबा ने नौ सेना दिवस के पूर्व आयोजित समारोह में कहा

नई दिल्ली।

नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा सोमवार को यहां नौ सेना दिवस के पूर्व आयोजित समारोह में कहा कि नौसेना में जल्दी ही शामिल होने वाले जंगी जहाज आधुनिक पनडुब्बियों का ब्यौरा दिया। और यह दावा किया है कि हिंद महासागर में पड़ोसी चीन के मुकाबले भारतीय नौसेना मजबूत है।

एडमिरल लांबा ने मुंबई हमले के 10 साल पूरे होने व नौसेना की तैयारी संबंधी सवाल के जवाब में देश को भरोसा देते हुए कहा कि नौसेना समुद्री इलाके पर दिन रात निगरानी रख रही है,

जो पहले के मुकाबले ज्यादा सशक्त है। भारत की पहली परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत की पेट्रोलिंग पूरी होने से देश की रक्षा प्रणाली और मजबूत हुई है।

एडमिरल लांबा ने कहा कि भारतीय नौसेना तटीय रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। नौसेना अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए 56 जंगी जहाज और पनडुब्बियों को जल्द ही शामिल करने की योजना बना रही है।

अपनी बातों को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि एक तीसरा विमानवाहक पोत लाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इसी के साथ स्कॉर्पिन क्लास की पनडुब्बियों ने भी अपने सभी ट्रायल पूरे कर लिए हैं। लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर की खरीदी और 25 मल्टी रोल हेलिकॉप्टर की खरीद का रास्ता भी साफ हो गया है।

दुनिया का ध्यान हिंद महासागर पर

चीन की बढ़ती समुद्री ताकत का जिक्र करते हुए एडमिरल लांबा ने कहा कि हिंद महासागर में 6 से 7 चीनी युद्धपोत हैं। लेकिन चीन के मुकाबले हम हिंद महासागर में मजबूत हो गए हैं। एडमिरल लांबा के अनुसार पूरी दुनिया का ध्यान हिंद महासागर पर केंद्रित है।

भारतीय नौसेना को इस क्षेत्र में प्रमुख सुरक्षा प्रदाता के तौर पर देखा जा रहा है। इसको देखते हुए भारतीय नौसेना अपनी क्षमता में लगातार इजाफा कर रही है। इस इरादे से नौसेना में 56 नए पोतों को अगले 10 सालों के भीतर शामिल करने की योजना पर काम चल रहा है।

पाक के मुकाबले बेहतर

भविष्य की नौसेना का जिक्र करते हुए नौसेना प्रमुख ने कहा कि 2050 तक हमारी नौसेना भी सुपर पावर बन जाएगी। नौसेना के पास 200 जहाज और 500 एयरक्राफ्ट होंगे। एडमिरल ने जोर देकर कहा पाकिस्तान के मुकाबले तो हम काफी बेहतर हैं।

नौसेना के दो फ्रंट नहीं

दो मोर्चो पर युद्ध की संभावना के सवाल पर एडमिरल लांबा ने दो टूूक कहा कि भारतीय नौसेना के कोई दो फ्रंट नहीं है। हमारे पास एक ही फ्रंट है, जो कि हिंद महासागर है। इसलिए हिंद महासागर में शक्ति का संतुलन हमारे पास है।

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