Good News : भारतीय श्रद्धालुओं को मानसरोवर में स्नान करने की मिली इजाजत

नई दिल्ली : कैलाश मानसरोवर को लेकर उठे ​विवाद के बीच चीनी अधिकारियों ने भारतीय श्रद्धालुओं को झील में “पवित्र” डुबकी लेने की इजाजत दे दी है। जिसके बाद श्रद्धालुओं ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का आभार जताया। दरअसल कैलाश यात्रा पर गए भारतीयों का आरोप था कि चीन के अधिकारियों ने उन्हें झील में पवित्र डुबकी लगाने की अनुमति नहीं दी।

श्रद्धालुओं ने सुषमा को कहा शुक्रिया : पुजारी संजीव कृष्ण ठाकुर ने बताया कि हमें आज पवित्र मानसरोवर झील में डुबकी लगाने का मौका मिल गया, मैं भारत सरकार और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का शुक्रिया अदा करता हूं। सोमवार को संजीव ने ट्विटर पर एक वीडियो जारी कर दावा किया था कि चीन ने एक आदेश जारी किया है जिसके चलते भक्तों को मानसरोवर झील में डुबकी लगाने से रोक दिया है।

ठाकुर ने कहा कि मेरे साथ लगभग 50-80 भक्त हैं। दुनिया भर के 3,000 से अधिक लोग यहां दर्शन करने आते हैं। लेकिन चीन के आदेश के अनुसार, हमें मानसरोवर झील में पवित्र डुबकी लेने की इजाजत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा था कि जब तक उन्हे डुबकी लेने की इजाजत नहीं मिल जाती तब तक वह वहां से नहीं हटेंगे।

झील में डुबकी लगाने का स्थान निर्धारित : वहीं विदेश मंत्री ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा था कि झील में हर जगह स्नान करने की इजाजत नहीं है। ऐसी खबरें आई है कि चीन ने भारत के श्रद्धालुओं को मानसरोवर झील में डुबकी लगाने से मना किया है।

स्थिति यह नहीं है, झील में डुबकी लगाने के लिए स्थान निर्धारित है और वहां पर स्नान किया जा सकता है। आप जहां चाहे वहां डुबकी नहीं लगा सकते हैं। बता दें कि भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से हर साल जून से सितंबर के बीच कैलास मानसरोवर यात्रा का आयोजन किया जाता है।

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