भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली टीम के लिए है हीरे की तरह

भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली भी टीम के लिए एक हीरे की तरह ही हैं।

हम सब जानते हैं कि ग्रेफाइट और हीरा दोनों कार्बन से बनते हैं, लेकिन एक हीरा ग्रेफाइट से कहीं अधिक कीमती होता है क्योंकि हीरे को हीरा बनने के लिए कई सालों तक दबाव और संघर्ष के पड़ावों से गुजरना पड़ता है।

उस दबाव और संघर्ष के बाद ही हीरे को उसकी असली पहचान मिलती है। भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली भी टीम के लिए एक हीरे की तरह ही हैं।

कोच राजकुमार शर्मा द्वारा तराशा गया ये हीरा आज क्रिकेट में अपने प्रदर्शन से सबको अचंभे में डाले हुए है। विराट धीरे-धीरे क्रिकेट के सारे रिकॉर्ड तोड़ते जा रहे हैं और दिग्गजों की राय में कोहली इस सदी के सबसे ‘विराट’ बल्लेबाज हैं।

विराट कोहली आज ना सिर्फ भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान हैं बल्कि बल्लेबाजी क्रम की रीढ़ भी बन चुके हैं और उनके बिना टीम का बल्लेबाजी क्रम असहज लगता है।

जब किसी मैच में लक्ष्य का पीछा करने की बात आती है तो सबकी निगाहें विराट पर टिकी होती हैं क्योंकि लक्ष्य का पीछा करते हुए कोहली की काबिलियत दोगुनी हो जाती है|

वो टीम को किसी भी परिस्थिति से निकालकर जीत तक पहुंचाने में सक्षम हैं। चेज करने में उनका कोई सानी नहीं है ये बात पूरी दुनिया मान चुकी है।

पिछले 10 सालों में भारत ने जब-जब लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत हासिल की है विराट ने उस मैच में शानदार प्रदर्शन किया है।

चेज करने के मामले में कोहली की बराबरी कोई नहीं कर सकता। इस बात का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि जब इंग्लैंड ने 481 रन का वर्ल्ड रिकॉर्ड टारगेट सेट किया था|

तब दक्षिण अफ्रीका के ओपनिंग बल्लेबाज हर्शल गिब्स ने ट्वीट कर कहा था कि वो विराट कोहली को इस टारगेट को चेज करते देखना पसंद करेंगे।

इस बयान के बाद आप अंदाजा लगा सकते हैं कि लोगों की अपेक्षाएं विराट कोहली से कितनी बढ़ चुकी हैं।

विराट अब तक वनडे क्रिकेट में 39 शतक लगा चुके हैं, जिनमें से 24 शतक उन्होंने लक्ष्य का पीछा करते हुए बनाए हैं और इन 24 मैचों में से भारत ने 18 मैचों में जीत दर्ज की है।

वनडे क्रिकेट में शतकों के मामले में वो सिर्फ अपने आइडल सचिन तेंदुलकर से पीछे हैं। सचिन ने अपने वनडे करियर में 49 शतक लगाए हैं।

विराट सचिन के रिकॉर्ड से बस 10 कदम दूर हैं और सचिन की ही तरह विराट की पसंदीदा विपक्षी टीम भी ऑस्ट्रेलिया है।

विराट ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 6 शतक लगाए हैं, जिनमें से 5 तो चेज करते हुए लगाए हैं। आइए देखते हैं विराट कोहली के करियर के टॉप 5 शतक, जिनसे कोहली क्रिकेट में ‘विराट’ बनते चले गए।

1. अगर विराट कोहली की चेज करते हुए टॉप 5 पारियों की बात की जाए, तो जयपुर में खेले गए दूसरे वनडे में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया द्वारा 359 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करते हुए 52 गेंदों पर शतक लगा कर टीम को जीत दिलाई थी।

वो शतक किसी भी भारतीय द्वारा वनडे क्रिकेट में लगाया गया सबसे तेज शतक था, उन्होंने वीरेंद्र सहवाग के 60 गेंदों पर लगाए गए शतक का रिकॉर्ड तोड़ा।

2. ऑस्ट्रेलिया में 2012 में खेली जा रही ट्राई सीरीज में भारत फाइनल खेलने की दौड़ से लगभग बाहर था और उसे फाइनल में जगह बनाने के लिए श्रीलंका के खिलाफ ना सिर्फ जीत दर्ज करनी थी बल्कि बोनस प्वाइंट से जीतना जरुरी था।

श्रीलंका ने भारत के सामने 50 ओवर में 321 रन का लक्ष्य रखा। पर भारत को बोनस अंक हासिल करके फाइनल में जाने के लिए ये लक्ष्य 38 ओवर में हासिल करना था जो कि लगभग असंभव था।

पर ओपनर्स और विराट कोहली की चमत्कारिक पारी की बदौलत भारत ने लक्ष्य 36.4 ओवर में ही हासिल कर लिया। विराट ने उस मैच में 86 गेंदों पर 133 रन की धमाकेदार पारी खेली और टीम को जीत दिला दी।

3. एशिया कप 2012 के पांचवें मैच में भारत की भिड़ंत पाकिस्तान से हुई। पाक ने 50 ओवर में 329 रनों का बड़ा लक्ष्य दिया और भारत को हार से बचने के लिए 330 रनों के पहाड़ पर चढ़ना था।

गौतम गंभीर मैच के दूसरे ओवर में ही आउट हो गए उसके बाद विराट कोहली बल्लेबाजी करने आए और अकेले दम पर टीम को मैच जितवा कर ले गए।

उन्होंने मैच में अपने करियर की बेस्ट पारी खेली। कोहली ने 148 गेंदों में 183 रन बनाए।

4. 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई घरेलू सीरीज के छठे मैच में ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 351 रनों का मुश्किल लक्ष्य दिया।

भारत पर हार का खतरा मंडरा रहा था पर विराट कोहली एक बार फिर टीम के हीरो बनकर सामने आए।

उन्होंने इतने बड़े लक्ष्य को बौना साबित करते हुए 61 गेंदों पर शतक लगाया और टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाया। कोहली ने मैच में 66 गेंदों पर 115 रन की मैच जिताऊ पारी खेली।

5. 2016 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली जा रही घरेलू सीरीज के तीसरे मैच में एक बार फिर विराट कोहली की मास्टर क्लास देखने को मिली।

जब उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ शानदार 154 रनों की पारी खेल कर टीम को जीत दिलाई।

टीम के दोनों ओपनर्स के जल्दी आउट हो जाने के बावजूद विराट को 10 गेंद शेष रहते टीम को जीत तक पहुंचाया।

उन्होंने धोनी के साथ शानदार साझेदारी की और सुनिश्चित किया कि भारत मैच आसानी से जीते।

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