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फ्रांस के इस ऐलान से विदेश यात्रा में भारतीयों के बचेंगे हजारों रुपए

नई दिल्ली : फ्रांस ने भारतीय यात्रियों को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है। फ्रांस ने घोषणा की है कि देश से गुजरने के दौरान भारतीय पासपोर्ट धारकों को अब हवाई अड्डा पारगमन (ट्रांजिट) वीजा की आवश्यकता नहीं होगी। इससे भारतीयों के फीस के रूप में दिए जाने वाले हजारों रुपए बचेंगे।

भारत में फ्रांस के राजदूत एलेक्जेंडर जेगलर ने पिछले सप्ताह ट्विटर पर कहा, ‘मुझे यह घोषणा करने में प्रसन्नता हो रही है कि 23 जुलाई, 2018 से भारतीय पासपोर्ट धारकों को फ्रांस में किसी भी हवाई अड्डे के अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्र से गुजरने के दौरान हवाई अड्डा ट्रांजिट वीजा (एटीवी) की जरूरत नहीं होगी।’ फ्रांस शेंगेन क्षेत्र का एक हिस्सा है, जिसमें 26 यूरोपीय देश शामिल हैं।

क्या होता है ट्रांजिट वीजा?
यह वीजा उनके लिए है जो शेंगेन टेरीटरी से गुजरते हैं। उन्‍हें एयरपोर्ट से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होती लेकिन होटल में ठहरने के लिए रेगुलर टूरिस्‍ट वीजा की जरूरत पड़ती है क्‍योंकि होटल एयरपोर्ट एरिया से बाहर होता है। शेंगेन क्षेत्र में दो तरह के ट्रांजिट वीजा हैं। यह यात्रियों की सहूलियत के आधार पर तैयार किए गए हैं।

शेंगेन क्षेत्र क्या है?
26 यूरोपीय देशों का समूह, जहां के नागरिकों को बिना पासपोर्ट अपने से सटे हुए देशों में आने जाने की सुविधा दी गई है, उसे शेंगेन क्षेत्र कहा जाता है।

इंडोनेशिया के नागरिकों के लिए भारत ने भी बढ़ाई थी सुविधा : मई 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब इंडोनेशिया की यात्रा पर गए थे तब उन्‍होंने वहां के नागरिकों के लिए 30 दिनों के निशुल्क वीजा की घोषणा की थी। उन्‍होंने भारतवंशियों को आमंत्रित किया था कि वे अपने मूल देश में आकर ‘नए भारत’ को महसूस करें।

इंडोनेशिया की राजधानी स्थित जकार्ता सम्मेलन केन्द्र में भारतवंशियों को सम्बोधित करते हुए मोदी ने कहा था कि हमारे देशों के नामों में न केवल साम्यता है बल्कि भारत इंडोनेशिया मित्रता में भी एक विशिष्ट साम्य है।

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