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संसदीय पैनल से नहीं मिले उर्जित, सांसद भड़के

नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संसदीय समिति से मुलाकात और उससे राय-मशविरे को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। संयुक्त संसदीय समिति ने गवर्नर उर्जित पटेल पर यह आरोप लगाए हैं।

पटेल की अनदेखी से खफा सांसदों का कहना है कि वित्तीय समाधान एवं जमाराशि बीमा विधेयक के बारे में चर्चा करने के लिए पटेल को संसदीय समिति से मुलाकात करनी थी, लेकिन उन्होंने अपने स्थान पर दो अन्य अधिकारियों को तैनात कर दिया।

संयुक्त संसदीय समिति का कहना है कि इस महत्वपूर्ण विधेयक पर केंद्रीय बैंक की राय लेने के लिए ही समिति का गठन किया गया था। पैनल में शामिल सांसदों का मानना है कि पटेल को जेपीसी से तय वक्त पर मुलाकात करनी चाहिए थी।

कुछ सांसदों के तीखे विरोध के बाद संयुक्त संसदीय समिति के चेयरमैन भूपेंद्र यादव का कहना है कि आरबीआई के अधिकारियों के सुझावों को सुना जाएगा। लेकिन उनके द्वारा गवर्नर पटेल का स्थान लेने का सवाल ही नहीं उठता और संसदीय समिति उनके सुझाव जरूर लेगी।

सूत्रों के मुताबिक सांसदों का कहना है कि उर्जित पटेल अपनी जिम्मेदारियों पर पूरा ध्यान नहीं दे रहे हैं। वह पैनल को विधेयक के बारे में सही तरीके से राय नहीं दे रहे है, जबकि यह इकॉनमी को भरोसेमंद और पारदर्शी बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।

संसदीय समिति के साथ उर्जित पटेल की खींचतान का यह ताजा मामला है। लेकिन, इससे पहले भी वित्त मामलों की स्टैंडिंग कमिटी के साथ उनका ऐसा ही अनुभव रहा था।

तब नोटबंदी के आकलन और डिजिटाइजेशन पर विचार करने के लिए बुलाई बैठक को रीशेड्यूल करना पड़ा था। पटेल ने इस साल दो बार वित्त मामलों की स्टैंडिंग कमिटी से मुलाकात की, लेकिन सांसदों का कहना है कि वह सही तरीके संवाद नहीं कर रहे थे।

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उर्जित पटेल
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