घंटों लेट हैं ट्रेनें, पर वेबसाइट पर यूं हैं राइट टाइम

लखनऊ: नैशनल ट्रेन एन्क्वॉयरी सिस्टम (NTES) को रेलवे अफसरों ने अपनी लापरवाही छुपाने का हथियार बना लिया है।

ऑपरेटिंग विभाग के अफसर घंटों लेट चल रही ट्रेन के भी सही समय पर पहुंचने और छूटने की जानकारी इस सिस्टम पर अपडेट कर रहे हैं।

इसका खमियाजा रोजाना उन हजारों रेल यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है, जो NTES पर ट्रेन का स्टेटस देखकर समय पर स्टेशन पहुंच जाते हैं, फिर उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है।

लखनऊ मेल और एसी एक्सप्रेस आए दिन लखनऊ से छूटने के वक्त ही लेट हो जाती हैं। छूटने का समय बीतने के बाद भी दोनों ट्रेनें प्लेटफॉर्म पर खड़ी रहती है, लेकिन NTES पर इनकी सही समय पर रवानगी दिखा दी जाती है।

इस कारण लेट होने वाले यात्रियों को सही जानकारी नहीं मिल पाती। इसी तरह कई बार काकोरी तक डेढ़-दो घंटे लेट दिखाई जाने वाली बरेली एक्सप्रेस के अचानक सही समय पर चलने की सूचना अपडेट कर दी जाती है।

इसके अलावा गंगा गोमती एक्सप्रेस, वरुणा, गोमती, इलाहाबाद इंटरसिटी और प्रतापगढ़ इंटरसिटी सहित कई ट्रेनों के लेट होने पर गलत जानकारी फीड कर दी जाती है।

उधर, नॉर्दर्न रेलवे के डीआरएम सतीश कुमार ने कहा कि ट्रेनों के आने और रवाना होने का सही समय फीड करवाने की कोशिश की जाएगी। गलत फीडिंग के जो मामले सामने आए हैं, उनकी छानबीन भी करवाई जाएगी।

ग्राफ ऊंचा रखने का खेल

NTES पर ट्रेनों के संचालन की गलत जानकारी की फीडिंग का खेल हर मंडल में चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक, अधिकारी अपने मंडल में ट्रेनों के सही समय पर चलने का ग्राफ ऊंचा रखने के लिए यह आंकड़ेबाजी करते हैं। अफसरों की इसी करतूत के कारण कई बार यात्रियों की ट्रेन भी छूट जाती है।

सही जानकारी सिर्फ रजिस्टर में

ट्रेनों के आने-जाने का सही समय सिर्फ स्टेशन के ट्रेन एन्क्वॉयरी रजिस्टर में दर्ज किया जाता है। रजिस्टर में दर्ज समय का NTES से मिलान करने पर अफसरों की मनमानी की पोल खुल सकती है।

रोजाना परेशान हो रहे हजारों रेलयात्री


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चंडीगढ़ एक्सप्रेस (12232) बुधवार सुबह 09:55 बजे आई, जबकि एनटीईएस में इसके पहुंचने का समय सुबह नौ बजे अपडेट कर दिया गया।

इससे इस ट्रेन से आ रहे स्कूली बच्चों के पैरेंट्स को काफी परेशान होना पड़ा।

– 20 सितंबर को चारबाग स्थित पुरानी वाशिंग लाइन में लखनऊ मेल का शंटिंग इंजन फेल होने के कारण ट्रेन लेट हो गई।

कई वीवीआईपी व सैकड़ों यात्री 45 मिनट प्लेटफॉर्म पर इंतजार करते रहे। ट्रेन रात 11 बजे के बाद रवाना हुई, लेकिन एनटीईएस पर इसे रात 22:15 बजे रवाना दिखा दिया गया।

 26 सितंबर को विंध्याचल इंटरसिटी शाम 19:40 बजे दिलकुशा आ गई। करीब एक घंटे यहीं खड़ी रही। यह गाड़ी रात 20:40 बजे चारबाग स्टेशन पहुंची, लेकिन NTES में इसके पहुंचने का समय 19:40 बजे यानी एक घंटे पहले दिखा दिया गया।

 27 सितंबर को गोमती एक्सप्रेस रात करीब 23:00 बजे चारबाग स्टेशन पहुंची। इससे पहले यह ट्रेन आउटर पर खड़ी रही, लेकिन रेलवे के कंट्रोलर ने इसके पहुंचने का समय 21:40 बजे दिखा दिया। इस बारे में एक सैन्य अधिकारी ने शिकायत भी दर्ज करवाई है।

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