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भारत का एकमात्र ऐसा मंदिर, जहां एक साथ स्थापित है 525 शिवलिंग

राजस्थान के कोटा में शिवपुरी में स्थित यह मंदिर बहुत अद्भुत है

भारत में आपने कई मंदिरों के दर्शन किए होंगे जो अद्भुत और ऐतिहासिक हैं. ऐसे ही आज हम आपको एक मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जहां भगवान भोलेनाथ की 525 शिवलिंग एक साथ स्थापित हैं. यहां कुछ मान्यताओं के अनुसार यहां महादेव का भव्य अभिषेक होता है.

सावन माह में लगता है भक्तों का तांता

राजस्थान के कोटा में शिवपुरी में स्थित यह मंदिर बहुत अद्भुत है. यहां इन 525 शिवलिंग के दर्शन करने लोग दूर-दूर से आते हैं. और सावन माह में तो यहां भक्तों की भीड़ लगी रहती है. इस मंदिर को सहस्त्र शिवलिंग धाम भी कहा जाता है. यहां शिवलिंग , 11 फीट ऊंचा और 14 टन वजनी है.

पशुपतिनाथ मंदिर के बाद एक मात्र एसा मंदिर

यह मंदिर नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर के बाद भारत में एक मात्र ऐसा मंदिर है जहां सैंकड़ों शिवलिंग हैं. यहां पर भगवान भोलेनाथ के 525 शिवलिंग की विशाल श्रंखला है. कहते हैं कि सहस्त्र शिवलिंग की पूजन से बहुत फल मिलता है. और यहां जो भी मांगो आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती है.

जानें क्या है कथा

शिवपुरी धाम में इन शिवलिंगों की स्थापना की भी एक कथा है. कहते हैं यहां एक नगा साधु रामपुरी जी थे, जो एक बार नेपाल गए तो उन्होंने वहां पशुपति नाथ मंदिर में ऐसे शिवलिंग देखे, फिर क्या था उन्होंने प्रण कर लिया कि वो भी शिवपुरी धाम में ऐसे ही सहस्त्र शिवलिंग की स्थापना करेंगे.

इस स्थान के बारे में एक और कहानी है कि यहीं पर महादेव ने ब्रह्मा और विष्णु के अहंकार को तोड़ा था और ये विशाल शिवलिंग उसी घटना की याद दिलाता है. यह मान्यता है कि जिसने महादेव के इस भव्य रुप का अभिषेक कर लिया उसे सहस्र शिवलिंग की पूजा का फल मिल जाता है.

शिवपुरी धाम में प्रवेश करते ही काल भैरव का मंदिर आता है, जिसके पास एक सरोवर है. यहीं से भक्त जल भरकर शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं. कहते हैं सहस्रशिवलिंग धाम पर मांगी गई मन्नत कभी अधूरी नहीं रहती. यहां महादेव हारों को सहारा देते हैं और दुखियारों को देते हैं खुशियों का आशीर्वाद.

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