संतों को राज्य मंत्री का दर्जा देने पर हाईकोर्ट के इंदौर बेंच ने मांगा जवाब

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रहीं। पांच संतों को राज्य मंत्री का दर्जा दिये जाने पर हाईकोर्ट ने इस मुद्दे पर नोटिस

इंदौर: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रहीं। पांच संतों को राज्य मंत्री का दर्जा दिये जाने पर हाईकोर्ट ने इस मुद्दे पर नोटिस देकर तीन सप्ताह में प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है।

हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने सामाजिक कार्यकर्ता रामबहादुर वर्मा की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार को नोटिस दिया है। न्यायाधीश वीके जायसवाल, एसके अवस्थी पीठ ने इस मामले पर सुनवाई की। इस दौरान वकीलों की हड़ताल होने पर कोर्ट ने याचिकाकर्ता रामबहादुर वर्मा को ही मामले की पैरवी करने की अनुमति दी।

याचिकाकर्ता को सरकार के इस फैसले पर इसलिए आपत्ति है कि प्रदेश पर बढ़ते कर्ज के बोझ के चलते हर नागरिक पर औसतन 14 हजार रुपये का कर्ज है। ऐसे में पांच संतों को मंत्री पद का दर्जा देकर प्रदेश की जनता पर अतिरिक्त बोझ क्यों डाला जा रहा है।

बता दें कि प्रदेश की शिवराज सरकार ने नर्मदा घोटाला रथ यात्रा निकालने की चेतावनी देने वाले दो संतों कंप्यूटर बाबा और योगेंद्र महंत समेत कुल पांच बाबाओं को राज्यमंत्री का दर्जा दिया था जिसका लगातार विरोध हो रहा था। सरकार के इस फैसले पर विपक्षी कांग्रेस के साथ ही प्रदेश के सामाजिक संगठन लगातार तीखी प्रतिक्रिया दे रहे थे। मंत्री पद मिलने वाले अन्य संतों में भय्यू महाराज, नर्मदानंद महाराज और हरिहरानंद महाराज शामिल हैं।

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