शिशु संरक्षण कार्यक्रमों से कम होगा मातृ -मृत्यु और शिशु-मृत्यु दर

प्रदेश में 20 जुलाई तक चलेगा शिशु संरक्षण अभियान

रायपुर : मातृ-मृत्यु दर व शिशु मृत्यु दर को और कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के लिए शिशु संरक्षण माह मनाया जा रहा है। एक माह का यह अभियान 19 जून से शुरू हो गया है, जो 20 जुलाई तक चलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और स्वास्थ्य मंत्री अजय चन्द्राकर ने शिशु संरक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए लोगों से अपील की है।

स्वास्थ्य मंत्री चन्द्राकर ने प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों तथा सिविल सर्जनों को शिशु संरक्षण माह के लिए आवश्यक तैयारी के साथ सफल बनाने के निर्देश दिए है, ताकि छत्तीसगढ़ में मातृ-मृत्यु दर और शिशु-मृत्यु दर सूचकांक कम हो सके।

स्वास्थ्य विभाग कि प्रदेश में वर्तमान में मातृ-मृत्यु दर 173 प्रति एक लाख जीवित जन्म पर तथा शिशु-मृत्यु दर 39 प्रति एक हजार जीवित जन्म पर है। राज्य के सभी शासकीय अस्पतालों में सवेरे 9 बजे से शाम 4 बजे के बीच ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में बच्चों को विटामिन ए सिरप और गर्भवती महिलाओं को आयरन फोलिक एसिड टेबलेट वितरण के साथ टीकाकरण भी किया जा रहा हैं।

इस दौरान बच्चों का वजन,बच्चों को निश्चित अंतराल पोशण आहार दिए जाने तथा आंगनबाड़ी स्थित सत्रों में संपूरक पोशण आहार की सेवाओं, हितग्राहियों की पात्रता व पोशण तत्वों की आवश्यकता के अनुरूप उपलब्ध कराया जा रहा है।

अतिगंभीर कुपोशित बच्चों को चिन्हित कर पोशण पुनर्वास केन्द्रों में पोशण आहार की प्रदायगी सहित संक्रमण के उपचार के लिए तत्काल व्यवस्था किया जा रहा है। अधिकारियो ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा शिक्षा विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों से समन्वय कर इस अभियान को सफल बनाने का प्रायस किया जा रहा है।

ग्राम स्वास्थ्य एवं शहरी स्वास्थ्य पोशण दिवस में ग्रामीण तथा शहरी स्तर के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, क्षेत्र की मितानिन, महिला आरोग्य समिति, ग्राम पंचायत, वार्ड पार्षद अथवा सदस्य गणों का सहयोग लिया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार ने वर्श 2014-2016 तक का एसआरएस बुलेटिन जारी किया था। स्पेशल बुलेटिन मई 2018 जारी किया गया। बुलेटिन के आधार पर छत्तीसगढ़ में मातृ-मृत्यु दर 173 प्रति एक लाख जीेवित जन्म हो गया है।

वर्ष 2011-13 की एसआरएस रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में मातृ मृत्यु दर 221 प्रति एक लाख जीवित जन्म था। छत्तीसगढ़ में 48 मातृ-मृत्यु दर में कमी दर्ज की गई। केन्द्र सरकार द्वारा जारी रिपोर्ट के आधार पर छत्तीसगढ़, आसम, उड़ीसा, राजस्थान तथा उत्तरप्रदेश के राज्यों से बेहतर स्थिति में हैं.

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