सिरपुर में शिशुरोग विशेषज्ञों का होगा दो दिवसीय वार्षिक कॉन्फ्रेंस

-मनोज मिश्रा

महासमुंद/साकरा।

आगामी एक एवं दो दिसम्बर 2018 को छत्तीसगढ़ राज्य के 150 से 200 शिशुरोग विशेषज्ञों का वार्षिक कॉन्फ्रेंस जिले के सिरपुर में आयोजित होगा। जिसमें शिशुओं के स्वास्थ्य के विषय में नई खोज और उनके ईलाज में विश्व में हो रही उन्नत चिकित्सा पद्धति की जानकारियां चिकित्सकों को वक्ताओं द्वारा जानकारी दी जाएगी।

इस कॉन्फ्रेंस में देश के विभिन्न शहरों के अतिथि वक्ताओं द्वारा व्याख्यान प्रस्तुत किया जाएगा। जिन अतिथि वक्ताओं द्वारा व्याख्यान प्रस्तुत किया जाएगा उनमें डॉ. अशोक कापसे (सूरत), डॉ. लोकेश लिंगप्पा, डॉ. आई.एस.राव (हैदराबाद), डॉ. ए.के.रावत (सागर), डॉ. ए.के.गंजू (नागपुर), डॉ. शफी कोल्हापुरे (मुम्बई) शामिल है।

इनके द्वारा शिशुओं में होने वाली विभिन्न बीमारियों के संबंध में अपनी विशेषज्ञ राय से कान्फं्रेस के प्रतिभागी चिकित्सकों को अवगत कराया जाएगा। कॉन्फ्रेंस में प्रदेश के विभिन्न चिकित्सक भी अपने शोधपत्र प्रस्तुत करेंगे एवं स्नातकोत्तर छात्र भी अपना शोधपत्र प्रतियोगिता में प्रस्तुत करेंगे।

सर्वश्रेष्ठ शोधपत्र को पुरस्कृत भी किया जाएगा। इस कॉन्फ्रेंस के प्रारंभ में प्रतिष्ठित डॉ. डी.एस.दवे स्मृति व्याख्यान पदक 2018 डॉ. अशोक कापसे (सूरत) को प्रदान किया जाएगा। सिरपुर में आयोजित इस दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस में मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. ए.टी.दाबके होंगे।

इसके साथ ही प्रदेश के जाने माने शिशुरोग विशेषज्ञ डॉ. उमेश खुराना, डॉ. सांवर अग्रवाल, डॉ. शैलजा फुलझेले, डॉ. एम.एल. राठी, डॉ. पी.के श्रीवास्तव, डॉ. अनुप वर्मा, डॉ. के.पी.साराभाई, डॉ. माधुरी देशपांडे, डॉ. पूजा धुप्पड़, डॉ.जी.मालिनी, डॉ. के. डब्ल्यूं देवरस, डॉ. अमर सिंग ठाकुर, डॉ. विजय माखिजा, डॉ. किरण माखिजा, डॉ. रिमझिम श्रीवास्तव भी भाग लेंगे। इस अवसर पर इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स की छत्तीसगढ़ शाखा के अध्यक्ष डॉ. पी.के. श्रीवास्तव एवं सचिव डॉ. राघवेन्द्र सिंह के साथ उनकी टीम भी भाग लेगी। यह कॉन्फं्रेस महासमुन्द जिले के लिए गौरवपूर्ण आयोजन होगा।

शिशुरोग विशेषज्ञ वार्षिक कॉन्फ्रेंस के आयोजन समिति के सभापति एवं जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन सह अधीक्षक डॉ. आर.के.परदल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस कॉन्फ्रेंस में मुख्य रूप से बच्चों की सामान्य एवं गंभीर बीमारियों, स्नायू तंत्र से संबंधित बीमारियों, श्वसन रोग से संबंधित बीमारियों, नये टीकों के बारे में जानकारी, मिरगी का उपचार, रक्ताल्पता एवं कुपोषण, नवजात शिशु देखभाल आदि विषयों पर विशेष रूप से चर्चा होगी।

उन्होंने बताया कि इस कॉन्फ्रेंस के आयोजन से महासमुन्द जिले के बच्चे भी विशेष रूप से लाभान्वित होंगे । कान्फ्रेस के लिए महासमुन्द जिले के शिशुरोग विशेषज्ञ एवं उनकी टीम पूर्ण रूप से तैयार की गई है।

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