राष्ट्रीय

महिला आईपीएस अधिकारी की पहल, सैकड़ों लोगों को मिली जीने की आस

सैकड़ों लोगों के लिए संकट की घड़ी में जीने की आस पैदा की

नई दिल्ली: गुजरात के वडोदरा में महिला डीसीपी (आईपीएस) अधिकारी सरोज कुमारी की पहल ने सैकड़ों लोगों के लिए संकट की घड़ी में जीने की आस पैदा की. महिला आईपीएस अधिकारी ने कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे, इसके लिए पुलिस रसोई शुरू करने का फैसला लिया.

उन्होंने बताया कि लॉकडाउन में हमें महसूस हुआ कि वडोदरा में कच्ची बस्ती, सड़क किनारे और ओवर ब्रिज के नीचे रहने वाले कई लोगों के सामने पेट भरने की समस्या है. कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे, इसके लिए पुलिस रसोई शुरू करने का फैसला लिया.

पहले पहल लोग फोन कर भोजन की जरूरत के बारे में बता दिया करते थे, जिसके अनुसार भोजन तैयार किया था, फिर शहर में चुनिंदा स्थानों पर लोगों को जाकर भोजन उपलब्ध कराया जाता था. लोग पुलिस रसोई में बने भोजन का इंतजार किया करते थे.

पुलिस रसोई 11 जून तक चली. इसके बाद अनलॉक-1 की शुरुआत के बाद लोग अपने स्तर पर जब भोजन की व्यवस्था करने में समक्ष हो गए, तब रसोई को बंद कर दिया गया. रसोई तो बंद हो गई लेकिन इसके जरिए पुलिस का वह मानवीय चेहरा देखने को मिला, जिससे बहुत से लोग नाकाकिफ हैं.

राजस्थान के झुंझुनू जिले के चिड़ावा तहसील के एक छोटे से गांव बुडानिया की रहने वाली सरोज कुमारी ने सरकारी स्कूल में पढ़ाई कर आईपीएस बनीं. पुलिस अधिकारी बनने से पहले गांव और घर-परिवार के लोग माता-पिता को शादी नहीं कर करने पर तंज कसा करते थे, लेकिन आईपीएस बनने के बाद गांव के साथ घर-परिवार में मान बढ़ गया है.

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