आश्रम के मासूम छात्र की हुई मौत, कारण अज्ञात

-शव परीक्षण के बाद होगा खुलासा, मौत के कारण का

दुर्गानाथ देवांगन

कोण्डागांव ।

शासकीय आश्रम शाला की आवासीय सुविधा का लाभ लेकर कक्षा तीसरी में अध्ययनरत एक 9 वर्षीय मासुम छात्र के अज्ञात कारण से मौत हो जाने का मामला प्रकाश में आया है। अब चुंकि उक्त छात्र की मौत शासन के निर्देशानुसार सभी स्कुली बच्चों को कृमिनाशक गोली एल्बेंडाजोल खिलाने के बाद होने की बात सामने आने के कारण कुछ लोग इसे कृमिनाशक गोली खाने से मौत हुई मान रहे हैं.

जबकि वहीं मुख्य चिकित्सा एवं जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.के.कनवर का कहना है कि कृमिनाशक गोली एल्बेंडाजोल खाने से मौत नहीं होती, उक्त गोली से मौत तभी हो सकती है जब बच्चे द्वारा खाया गया गोली श्वास नली में जाकर फंस जाए, ऐसे में बच्चे की मौत तुरंत होगी न की गोली खाने के कई घंटे बाद। इसलिए छात्र की मौत के सही कारण खुलासा शव परीक्षण के बाद ही हो सकेगा।

जिला व तहसील कोण्डागांव के अंतर्गत आने वाले और जिले के पश्चिमी हिस्से में संवेदनशील क्षेत्र में बसे ग्राम मर्दापाल के नजदिकी ग्राम मुलनार में शासकीय आश्रम शाला कडेनार के नाम से संचालित आश्रम शाला की आवासीय सुविधा को देखते हुए नदी के उस पार बसे ग्राम नाहकानार निवासी तुलाराम कोर्राम ने अपने सबसे बडे पुत्र पुष्पराज को यहां भर्ती कराया था.

उसका पुत्र आश्रम में रहकर कक्षा तीसरी में अध्ययनरत था और शासन के निर्देशानुसार सभी स्कुली बच्चों को कृमिनाशक गोली एल्बेंडाजोल खिलाने के निर्देश का पालन करते हुए जब 10 सितंबर को सभी छात्रों के साथ पुष्पराज ने भी एल्बेंडाजोल गोली खाया और गोली खाने के बाद लगभग डेढ घंटे बाद पुष्पराज उल्टी करने लगा तो अधीक्षक मंजुराम नेताम के द्वारा पुष्पराज को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मर्दापाल में ले जाकर उपचार हेतु भर्ती कराया गया.

बच्चे के स्वास्थ्य में सुधार होने पर उसे वापस आश्रम लाया गया। अगले दिन अल सुबह पुष्पराज सोकर उठने के बाद अचानक चक्कर आने गिरा और बेहोश हो गया तो पहले उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मर्दापाल में ले जाया गया, फिर वहां से जिला अस्पताल कोण्डागांव लाया गया और जब यहां के चिकित्सक ने पुष्पराज के स्वास्थ्य की जांच शुरु की तो पाया कि उसकी मौत हो चुकी है।

वहीं पुष्पराज के पिता तुलाराम कोर्राम ने बताया कि 10 सितंबर को उसके पुत्र के बीमार पडने की जानकारी आश्रम के किसी भी कर्मचारी के द्वारा नहीं दी गई, बल्कि आश्रम के कर्मचारी के द्वारा 11 सितंबर को उसे जानकारी दी गई कि पुष्पराज का स्वास्थ्य खराब होने से उसे जिला अस्पताल ले जाया गया है.

उक्त जानकारी पर जब वह अस्पताल पहुंचा तो उसे बताया गया कि पुष्पराज की मौत हो चुकी है। जबकि जब वह अपने पुत्र पुष्पराज से मिलने रक्षाबंधन के समय आया था तब पुष्पराज स्वस्थ था। कुल मिलाकर एक पिता के अनुसार लगभग 15 दिन पहले अपने जिस स्वस्थ पुत्र से मिलकर वापस गया था, उसे वह 15 दिन बाद मृत देखने के बाद हैरान, परेशान और बेहद दुखी है, उसे समझ में नहीं आ रहा कि घर वापस जाकर बच्चे की मां व अन्य परिजनों को क्या जवाब देगा ?

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