उत्तर प्रदेशराज्य

मासूम को उतारा मौत के घाट, घर में ही दफनाया

पीएम रिपोर्ट के अनुसार मृतका के पेट में अन्न का एक दाना भी नहीं था।

मुरादाबाद । मुरादाबाद में एक परिवार ने मासूम को मौत के घाट उतारकर घर में ही दफन कर दिया गया। इस मामले में तंत्र क्रिया के साथ गरीबी को भी मौत की वजह माना जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मझोला थाना क्षेत्र के चौधरपुर गांव की रहने वाली छह वर्षीय तारा की मौत दम घुटने के कारण हुई थी। पीएम रिपोर्ट के अनुसार मृतका के पेट में अन्न का एक दाना भी नहीं था।

रविवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आते ही पुलिस ने तारा के सौतेले पिता आनंदपाल को हिरासत में ले लिया। तारा की मौत को प्रशासनिक अमला प्रथमदृष्टया हत्या मान रहा है, जबकि भूमिहीन कुनबा लंबे समय से गरीबी व कुपोषण से जूझ रहा है। ऐसे में तारा की मौत के पीछे की असल वजह का पता पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही लगेगा। ग्रामीणों की सूचना पर मझोला पुलिस शनिवार शाम चौधरपुर गांव पहुंची।

आनंदपाल के घर में दफन तारा का शव खोदकर बाहर निकाला गया। परिजनों ने पुलिस को बताया कि तारा और उसके भाई- बहन कुपोषण के शिकार हैं। कुपोषण के कारण सूखा रोग की चपेट में आने से तारा की मौत हुई है। तांत्रिक की सलाह पर तारा का शव घर में ही दफन हुआ।

तांत्रिक का दावा था कि इससे तारा की मां मोनी का होने वाला बच्चा स्वस्थ होगा। इसके बाद परिजनों ने तारा का शव घर में दफन कर दिया। संदेह के आधार पर पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस भेजा। रविवार को शव का पोस्टमार्टम हुआ। इस दौरान तारा का पेट पूरी तरह से खाली मिला।

उसमें अन्न का एक दाना भी नहीं था। चिकित्सकों का कहना है कि तारा की मौत दम घुटने के कारण हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट उजागर होते ही मझोला पुलिस हरकत में आ गई। थाना प्रभारी मझोला इंस्पेक्टर विकास सक्सेना ने बताया कि तारा की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए उसके सौतेले पिता को हिरासत में लिया गया है। फिलहाल इस मामले में किसी से कोई तहरीर नहीं मिली है। दम घुटने से तारा की मौत अनहोनी की ओर इशारा कर रही है।

तारा की मौत से कटघरे में इंसानियत

छह वर्षीय मासूम तारा की दर्दनाक मौत ने इंसानियत को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है। प्रशासन, ग्रामीण, ग्राम प्रधान व मृतका के परिजनों के दावे के अनुसार सच पर बड़ा पर्दा पड़ा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट को आधार बनाकर मझोला पुलिस तारा की मौत को हत्या मान रही है।

वहीं देर रात ग्राम प्रधान पति हाजी मुन्नन की तहरीर पर पुलिस ने पति आनंद पाल और मोनी के खिलाफ बेटी की हत्या कर शव छिपाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया। चौधरपुर निवासी आनंदपाल पांच भाई हैं।

बड़ा भाई उमेश सिंह सपरिवार पंजाब में रहता है। आनंदपाल, किरनपाल व किशनपाल अपनी मां भूरी देवी पत्नी स्व. कुंवर सिंह के साथ घर पर रहते हैं। एक वर्ष पहले आनंदपाल बंगाल की रहने वाली मोनी को घर लाया। दोनों पति-पत्नी के रूप में रहने लगे।

मोनी पहले से ही छोटू व सोनू और तारा तीन बच्चे थे। मोनी अभी गर्भवती है। आनंदपाल की मां भूरी के मुताबिक उसका कुनबा भूमिहीन है। आनंदपाल की मां के नाम से एपीएल कार्ड है। जो फिलहाल पुलिस के कब्जे में है।

खाने के लिए वह कोटे की दुकान पर निर्भर रहते हैं। दुकान से सिर्फ 12 किग्रा गेहूं व 10 किग्रा चावल मिलता है। ऐसे में आठ लोग की आजीविका कैसे चलती होगी, इसका अनुमान लगाना कठिन नहीं है। ग्रामीण दो टूक कहते हैं कि फांकाकशी को मजबूर कुनबा लंबे समय से कुपोषण व गरीबी से जूझ रहा है। ग्रामीणों के दावे व उत्पन्न हालात प्रशासनिक मशीनरी की कार्यप्रणाली के सम्मुख सवाल बनकर खड़े हैं।

ग्राम प्रधान पति हाजी मुन्नन ने बताया कि कोटे की दुकान से कितना अनाज आनंदपाल के कुनबे को मिलता है, यह उन्हें नहीं पता है। ग्राम प्रधान बताते हैं कि जिन तीन बच्चों को लेकर मोनी चौधरपुर आई उनसे आनंदपाल व उसका परिवार द्वेष रखता है।

डीएम राकेश कुमार सिंह का कहना है कि संदिग्ध परिस्थितियों में बच्ची की मौत हुई है। शव को घर से खोदकर निकाला गया है। यह पुलिस की जांच का विषय है। परिवार की स्थिति के बारे में जानकारी कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

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