पौधारोपण के नाम पर शिकायतों को दूर करने, वन विभाग का अभिनव प्रयोग

वन विभाग में पौधरोपण के क्षेत्रफल, पौधों की संख्या, उनके जीवित रहने की स्थिति को लेकर अक्सर अलग-अलग रिपोर्ट विभाग के सामने आते थे।

रायपुर।
वनों की बहुलता वाले राज्य में पौधारोपण के नाम पर रही लगातार शिकायतों को दूर करने के लिए वन विभाग ने एक अभिनव प्रयोग किया है।

अब पौधरोपण व पौधों के रखरखाव की मानिटरिंग सेटेलाइट आधारित डेस्कबोर्ड के माध्यम से होगी।

वन विभाग ने लगभग छह माह की मशक्कत के बाद इस डेस्कबोर्ड सिस्टम को तैयार किया है। अगले 15 दिन में यह सिस्टम कार्य करने लगेगा।

वन विभाग में पौधरोपण के क्षेत्रफल, पौधों की संख्या, उनके जीवित रहने की स्थिति को लेकर अक्सर अलग-अलग रिपोर्ट विभाग के सामने आते थे।

विभाग इसको लेकर बड़ा असहज रहता था। ऐसे में कुछ अधिकारी विभाग को गुमराह कर ऐसे स्थानों पर पौधरोपण की रिपोर्ट देते थे, जहां की मॉनिटरिंग संभव ही नहीं था।

वन विभाग ने अब सेटेलाइट आधारित डेस्कबोर्ड बनाकर पौधरोपण की नियमित मॉनिटरिंग करने का रास्ता निकाला है।

अब राज्य में जहां भी पौधरोपण होगा, वहां की जीपीएस लोकेशन फीड की जाएगी और रायपुर में बैठा अधिकारी बस्तर के घोर इलाके में हुए पौधरोपण को सीधा देख सकेगा।

एक-एक पौधे की संख्या के गिना जा सकेगा। एक वर्ष में कितने पौधे रोपित किए गए।

कितने पौधे बचे और कितने नष्ट हो गए, इसकी गणना भी इस सिस्टम को माध्यम से हो पाएगी। डेस्कबोर्ड के माध्यम से पौधरोपण के तीन वर्षीय अभियान को भी व्यवस्थित किया जा सकेगा।

मॉनिटरिंग की समस्या का है संपूर्ण समाधान

अपर मुख्य सचिव वन सीके खेतान ने बताया कि यह सिस्टम वन विभाग में पौधरोपण की समस्या का संपूर्ण समाधान है।

अपने तरह का यह राज्य ही नहीं देश भर में पहला अभिनव प्रयोग है। इसी महीने इस सिस्टम का टेस्ट किया जाएगा और इसे तत्काल लागू किया जाएगा।

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