पूछताछ में कई चौकाने वाले ख़ुलासे बढ़ सकती हैं दाती महाराज की मुश्किले

दुष्कर्म के मामले में फंसे दाती महाराज (मदन राजस्थानी) की मुश्किले अब बढती हीं जा रही हैं

दुष्कर्म के मामले में फंसे दाती महाराज (मदन राजस्थानी) की मुश्किले अब बढती हीं जा रही हैं शिष्या से दुष्कर्म मामले में बुरी तरीके से दाती महाराज फंस चुके हैं राजस्थान में पाली जिले के आलावास स्थित उसके आश्रम में रह रही बालिकाओं और महिलाओं ने प्रशासनिक पूछताछ में खुलासा किया कि दाती महाराज रात्रि चरण सेवा के नाम पर उन्हे बुलाता था। आश्रम की संचालक श्रद्धा यहां रहने वाली अधिकांश बालिकाओं और महिला सेविकाओं को रात्रि में चरण सेवा के नाम पर दाती महाराज के पास भेजती थी।

फर्जी तरीके से चल रहा स्कूल और कॉलेज, जांच के आदेश

श्रद्धा कहती थी कि दाती महाराज की चरण सेवा सभी को करनी पड़ती है। बालिकाओं और महिला सेविकाओं ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए है। इनका कहना है कि श्रद्धा ही दाती महाराज के आश्रम का समस्त मैनेजमेंट देखती थी और वह बालिकाओं का ब्रेन वॉश करके दाती महाराज के पास भेजती थी। आलावास स्थित आश्रम, गुरूकुल और कॉलेज का जायजा लेकर लौटी राज्य महिला आयोग की टीम ने अपनी रिपोर्ट में कई अहम खुलासे किए है।

शुक्रवार को राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष सुमन शर्मा ने ‘दैनिक जागरण’ को बताया कि आश्रम और गुरूकुल में कई तरह की गड़बड़ी सामने आई है । उन्होंने बताया कि आश्रम द्वारा संचालित कॉलेज और स्कूल के पास कॉलेज शिक्षा निदेशालय एवं शिक्षा विभाग की मंजूरी तक नहीं है। सरकार की बिना मंजूरी के ही कॉलेज और स्कूल संचालित हो रहे है।

गुरूकुल का पिछले तीन साल से रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण नहीं करवाया जा रहा है। इसके लिए बाल अधिकारिता विभाग ने उन्हे कई बार नोटिस जारी किया,लेकिन दाती महाराज ने कोई परवाह नहीं की। सुमन शर्मा ने बताया कि महिला आयोग की टीम को आश्रम में कई तरह की अनियमिता मिली है। आश्रम और गुरूकुल में मैंटेन होने वाले रजिस्टर में कई तरह की अनियमिता मिली।

संचालकों से जब आयोग की टीम ने यहां रहने वाली बालिकाओं के बारे में पूछा तो उन्हे 150 बताया गया, लेकिन अंदर जब गिनती की गई तो 250 बालिकाएं निकली। इसी तरह से एक रजिस्टर में बालिकाओं और उनके पिता का नाम कुछ, वहीं उनसे लिए जाने वाले एफिडेविट में नाम कुछ लिखा हुआ है। बालिकाओं की उम्र में भी अंतर पाया गया। बालिकाएं काफी डरी हुई थी इस वजह से वे बार-बार अपने बयान बदल रही थी।

कुछ बालिकाओं ने पहले तो दाती महाराज और अन्य लोगों द्वारा उन्हे परेशान किए जाने की बात कही, लेकिन कुछ ही देर में यहां मौजूद सेवकों को देखकर अपनी बात से बदल गई। बालिकाओं के चेहरे पर डर नजर आ रहा था।

गृहमंत्री और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने मांगी रिपोर्ट

राज्य के गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया ने जोधपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक से आश्रम को लेकर रिपोर्ट मांगी है। कटारिया पहले ही कह चुके कि यदि दाती महाराज ने गलत किया है तो उन्हे सजा मिलेगी। वहीं गुरूकुल का रजिस्ट्रेशन नहीं होने को लेकर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अरुण चतुर्वेदी ने विभाग के अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है । जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई है। चतुर्वेदी ने शुक्रवार को इस बारे में अधिकारियों से चर्चा की।

जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को निगरानी के लिए कहा

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष सुमन शर्मा ने पाली के जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर आश्रम पर निगरानी रखने के लिए कहा है। उन्होंने आश्रम पर पुलिस के जवान तैनात करने और समस्त गतिविधियों पर निगरानी की बात भी कही है। जिला कलेक्टर सुधीर शर्मा ने शुक्रवार को आश्रम को लेकर एक बैठक ली, जिसमें पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन आश्रम के खातों और भवन की जांच कराने पर भी विचार कर रहा है।

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