बिलासपुर जिले के सभी थाने के कर्मचारियों को भी किया गया इंसिगनिया(प्रतीक चिन्ह)

बिलासपुर पुलिस ने अपने कंधों पर धारण किया छत्तीगसढ़ पुलिस का इंसिगनिया(प्रतीक चिन्ह)

बिलासपुर :वर्ष 2000 छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद प्रदेश के पुलिस अधिकारियों/कर्मियों द्वारा यह इंसिगनिया (प्रतीक चिन्ह)धारण नहीं किया जा रहा था छत्तीसगढ़ राज्य की विशिष्टताएं व विविधताओं को समाहित कर राज्य पुलिस ने गठन संकेत इंसिंगनिया( प्रतीक चिन्ह) पुलिस महानिदेशक श्री डी एम अवस्थी के मार्गदर्शन में तैयार किया गया ।

इसमें ढाल, ढाल की सुनहरी बॉर्डर, अशोक चिन्ह ,सूर्य रूपी प्रगति चक्र, बाइसन हॉर्न बना हुआ है साथ ही ‘परित्राणाय साधुनाम’ लिखा हुआ है प्रतीक में उल्लेखित 2000 राज्य गठन का वर्ष है ढाल का रंग गहरा नीला है जो अपार धैर्य सहनशक्ति जिजीविषा संवेदनशीलता और गंभीरता का प्रतीक है

राज्य शासन के स्वीकृति पश्चात छत्तीसगढ़ पुलिस के द्वारा इस इंसिंगनिया(प्रतीक चिन्ह )को सभी अधिकारियों /कर्मियों को अपनी वर्दी में कंधे में लगायें जाने हेतु निर्देशित किया।

बिलासपुर पुलिस के अधिकारियों/कर्मचारियों को इंसिंगनिया (प्रतिक चिन्ह) लगाने हेतु बिलासपुर पुलिस अधीक्षक श्री प्रशान्त अग्रवाल ने बिलासपुर पुलिस महानिरीक्षक श्री दीपांशु काबरा को पुलिस कंट्रोल रूम बिलासपुर में आमंत्रित किया ,जिन्होंने इस आमंत्रण को सहर्ष स्वीकार कर उपस्थित हो कर सर्वप्रथम अपने वर्दी मे छत्तीसगढ़ पुलिस के इंसिंगनिया(प्रतिक चिन्ह )को लगाया और उसके बाद स्वयं जिले के कप्तान श्री प्रशान्त अग्रवाल की के कंधों पर इंसिंगनिया (प्रतिक चिन्ह )को लगाया।


बारी बारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर श्री ओम प्रकाश शर्मा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री संजय ध्रुव अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात श्री रोहित बघेल सभी नगर पुलिस अधीक्षक श्री निमेष बरैया ,श्री आर एन यादव श्री सत्येंद्र पांडेय सहित शहर के सभी थाना प्रभारियों, रक्षित निरीक्षक सूबेदार को भी द्वय अधिकारियों द्वारा प्रतीक चिंह उनके कंधो पर लगाया गया।
उसके पश्चात सभी थाना प्रभारियों को उनके मातहत कर्मचारियों के लिए इंसिगनिया (प्रतीक चिन्ह) को वितरित किया गया।

Tags
cg dpr advertisement cg dpr advertisement cg dpr advertisement
cg dpr advertisement cg dpr advertisement cg dpr advertisement

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button