पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग ने कबीरधाम में लगाया दरबार

सुनी जवानों की समस्याएं

कबीरधाम: जी पी सिंह, पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज, दुर्ग द्वारा दिनांक 24.8.2018 को कबीरधाम जिले का वार्षिक निरीक्षण किया गया। इस दौरान उनके द्वारा जिला पुलिस कार्यालय, सदर पुलिस लाईन एवं जिले के थानों का भ्रमण कर पुलिस के कार्यों की समीक्षा की गई। सिंह द्वारा थाना कोतवाली परिसर में बनाये गये नारकोटिक्स भवन तथा शासन द्वारा जनसुविधा के लिये लागू की गई डायल 112 सेवा के लिये बनाये गये नियंत्रण कक्ष का लोकार्पण किया गया। प्रवास के क्रम में सिंह बोडला भी गये, जहां पर उनके द्वारा एसडीओपी बोड़ला के नवनिर्मित कार्यालय भवन का उद्घाटन किया गया, साथ ही थाना परिसर में बच्चों को खेलकूद की सामग्री का वितरण इनके द्वारा किया गया।
जिले के वार्षिक निरीक्षण के तहत जी. पी. सिंह, पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग द्वारा सर्वप्रथम

प्रातः 07.30 बजे पुलिस लाईन, कबीरधाम में निरीक्षण परेड की सलामी ली गई, पश्चात जवानों की वेशभूषा, किट एवं परेड में शामिल वाहनों का निरीक्षण किया गया। परेड में उत्तम टर्न आउट एवं किट का प्रदर्शन करने वाले जवानों को पुलिस महानिरीक्षक द्वारा पुरूस्कृत किया गया। वाहनों के माइलेज, टायर रोटेशन एवं साफ-सफाई के संबंध में चालकों से जानकारी लेकर वाहनों के मेन्टनेंस के संबंध में टिप्स दिये।

परेड उपरांत पुलिस महानिरीक्षक द्वारा पुलिस लाईन में दरबार लिया गया। दरबार में भारी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे तथा खुलकर अपनी समस्यायें, सुझाव एवं गुजारिश पुलिस महानिरीक्षक के समक्ष रखे। लगभग 01 घण्टे तक चले दरबार में पुलिसकर्मियों द्वारा पुलिस लाईन परिसर में पुलिस परिवार हेतु मंगल भवन/सामुदायिक भवन बनाने, गैस एजेंसी, पेट्रोल पंप एवं सहकारी बैंक की मांग रखी। पुलिस महानिरीक्षक जी. पी. सिंह द्वारा कर्मचारियों की मांगों/सुझावों को ध्यान से सुना गया एवं पुलिस अधीक्षक, कबीरधाम को उपरोक्त मांगों के अनुरूप यथोचित प्रस्ताव अविलम्ब भेजने के लिये निर्देशित किया गया।

कुछ कर्मचारियों ने ड्यूटी के दौरान चोटिल होकर शारीरिक रूप से अक्षम होने वाले कर्मचारियों को पदोन्नति परीक्षा में छूट प्रदान करने की गुजारिश की। जिस पर आईजी सिंह द्वारा बताया गया कि ऐसे नियम पूर्व से उपलब्ध है तथा इस हेतु आवेदन करने पर प्रकरणों की समीक्षा कर छूट दी जाती है। उन्होंने जवानों से कहा कि इसका लाभ लेने के लिये यह आवश्यक है कि प्रभावित जवान इस बाबत् समय पर अपनी सेवा पुस्तिका में प्रविष्टि करायें, ताकि तसदीकी में विलंब की स्थिति न बने।

जवानों द्वारा जिला कबीरधाम के नक्सल प्रभावित अंदरूनी क्षेत्रों में स्थापित कैम्पों में संचार साधन बढाने एवं जनरेटर उपलब्ध कराने की मांग की गई। जिस पर सिंह ने आश्वस्त किया कि इस बाबत् पूर्व से पुलिस मुख्यालय स्तर पर प्रस्ताव विचाराधीन है, शीघ्र ही कैम्पों को बिजली एवं संचार के साधनों से सुदृढ़ किया जाएगा।

इसके अलावा जवानों द्वारा अनुकंपा नियुक्ति, छुटटी, स्थानांतरण, मेडिकल सुविधाओं एवं पदोन्नति आदि के संबंध में भी अपनी-अपनी समस्यायें रखी गई। जिसका सिंह द्वारा उपलब्ध नियमों एवं प्रावधानों का उल्लेख करते हुए सहजता से उत्तर देकर शंका समाधान किया गया एवं पु.मु. व रेंज स्तर पर निराकृत होने वाली मांगों के लिये यथोचित प्रस्ताव भेजने हेतु पुलिस अधीक्षक, कबीरधाम को निर्देशित किया गया।

सिंह ने जवानों से कहा कि शासन एवं विभाग के स्तर पर जवानों के वेलफेयर पर समुचित ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जवानों के कल्याण के लिये विभिन्न तरह के अवकाश, स्वास्थ्य सुविधा, बच्चों की शिक्षावृत्ति एवं विभिन्न प्रकार के अग्रिम आदि के अनेक प्रावधान बनाये गये हैं, परंतु जागरूकता के अभाव में अधिकांश कर्मचारी इसका लाभ नहीं ले पाते। उन्होंने पुलिस अधीक्षक, कबीरधाम को निर्देशित किया कि जवानों को थाना स्तर पर इसकी जानकारी उपलब्ध कराई जावे ताकि वे लाभ उठा सकें।

सिंह ने दरबार में जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि आमजनता को पुलिस से बहुत अपेक्षाएं रहती है, प्रत्येक संकट के समय सबसे पहले पुलिस को ही याद किया जाता है, चाहे समस्या किसी अन्य विभाग से संबंधित क्यों न हो। अतएव प्रत्येक पुलिस जवान को जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिये कृत संकल्पित होने की आवश्यकता है। इसके लिये विभागीय अनुशासन का पालन एवं कर्तव्य के प्रति मुस्तैदी अत्यंत आवश्यक है। विभाग में लगभग 80 प्रतिशत आरक्षक और प्रधान आरक्षक स्तर के कर्मचारी हैं, जो पुलिस विभाग की रीढ़ है। उन्होंने विभाग के पर्यवेक्षणीय अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जवानों की कार्यकुशलता, एवं कार्यप्रणाली को बेहतर बनायें, ताकि अपेक्षा के अनुरूप कार्य कर सकें।

निरीक्षण के दौरान सिंह द्वारा जिले के आपराधिक स्तिथि की समीक्षा की गई एवं पर्यवेक्षणीय अधिकारियों व थाना प्रभारियों को निर्देशित किये कि असमाजिक तत्वों के विरूद्ध जीरो टालरेंस की नीति के तहत कार्य करें सूचीबद्ध गुण्डों के विरूद्ध रिपोर्ट होने पर प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत प्रभावी कार्यवाही की जावे। उन्होंने उपस्थित थाना प्रभारियों से कहा कि लघु अधिनियम एवं प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत प्रभावी कार्यवाही का व्यापक प्रभाव अपराधियों पर होता है। अतएव इस ओर ध्यान दें, जनता में पुलिस की Visibility को बढायें, रिएक्टिव नही बल्कि प्रोएक्टिव पुलिसिंग करें।

सिंह ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव को निर्विघ्न एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिये अभी से तैयारियों में जुट जायें। सभी मतदान केन्द्रों का भ्रमण कर उसकी सुरक्षा एवं उपयुक्तता सुनिश्चित कर लें। अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए छोटे से छोटे मुद्दों पर संवेदनशील होकर कार्य करें। प्रत्येक सूचना को गंभीरता से लें। घटनाओं का पूर्वानुमान लगाकर preventive & Visible Action लें।

सिंह ने लाल उमेद सिंह, पुलिस अधीक्षक कबीरधाम व उनकी टीम के कार्यों की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि पुलिस अधीक्षक आगे भी अपनी टीम के साथ इसी उत्साह के साथ कार्य करते हुए अपराधों पर नियंत्रण रखकर बेहतर सामाजिक व्यवस्था स्थापित करने में अपना योगदान देते रहेंगे।

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