प्रेरणा साहित्य समिति के सदस्यों ने अटल बिहारी वाजपेयी को दी श्रद्धांजलि

बालोद।

जब 1996 में 13 दिन की सरकार गिरी थी तब जिले के वरिष्ठ साहित्यकार जगदीश देशमुख द्वारा अटल बिहारी वाजपेयी को 80 पंक्ति का देश के सर्वोच्च शिखर पर अटल ही रहेगा शीर्षक से कविता लिखकर अपनी भावनाओं को प्रकट किया था।

जिसपर अटल जी ने स्वहस्ताक्षिरक पत्र लिखा था और जब अटल बिहारी वाजपेयी जी को भारत रत्न से विभूषित किया गया, तब उनके निज सचिव झींगटा के माध्यम से पत्र जवाब दिया था ।

जो मेरे लिए अविस्मरणीय एवं गर्व का विषय है। देशमुख अटल बिहारी के पत्र पढ़कर भावुक हो गए। अटल जी पत्रकार, वीररस एवं राष्ट्रीय चेतना के कवि और प्राख्यात साहित्यकार रहे है। वे पहले नेता थे जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ में हिन्दी में भाषण दिया था जो हमें हिन्दी के प्रति अनुराग रखने को दर्शाता है।

वे सियासत के अजातशत्रु और पुरोधा है। राष्ट्रधर्म, पांचजन्य के प्रथम एवं प्रधान सम्पादक रहे हैं। देशमुख निवास साहित्य निकुंज में तुलसी मानस प्रतिष्ठान एवं प्रेरणा साहित्य समिति के सदस्यों ने शोक सभा आयोजित कर पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी एवं छत्तीसगढ़ के राज्यपाल बलराम दास टंडन को विनम्र श्रृद्धाजंलि अर्पित किए ।

श्रृद्धाजंलि सभा में मोहन मंडावी, जगदीश देशमुख, गोपाल वर्मा, गोरे लाल शर्मा, सीता राम साहू श्याम, पुष्कर सिंह राज, अरूण साहू, डॉ. एस एल गंधर्व, दानेश्वर सिन्हा, संतोष राव कृदत्त, जयकांत पटेल, सुरेश देशमुख, चन्द्र कुमार देशमुख सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

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