छत्तीसगढ़

रामायण के प्रेरक प्रसंगों में मिलती है जनसेवा की प्रेरणा : बघेल

निपानी मानस गान प्रतियोगिता में शामिल हुए मुख्यमंत्री

रायपुर: प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शनिवार को दुर्ग जिले के पाटन विकासखण्ड के ग्राम निपानी में मानस गान प्रतियोगिता कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने रामायण के दोहे ‘रामकाज के बिना मोहे कहां विश्राम’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह दोहा राज्य के विकास और जनसेवा के लिए हमें निरन्तर प्रेरणा देता रहेगा। रामायण के अनेक प्रसंगों में हमें निरन्तर जनसेवा की प्रेरणा मिलती है।
बघेल ने कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि हम सब भगवान श्रीराम के संतान है।

उनके आदर्शों पर चलते हुए हमें आम नागरिकों के लिए निरन्तर काम करते रहना है। छत्तीसगढ़ राज्य को एक विकसित राज्य की श्रेणी में लाना हमारा लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य भगवान श्रीराम का ननिहाल है और माता कौशिल्या का मायका इसीलिए यहां मामा – भांजा का रिश्ता अत्यंत स्नेहपूर्ण और विशेष सम्मानीय होता है। छत्तीसगढ़ की इस समृद्ध परम्परा का निर्वहन करते हैं।

कार्यक्रम में बघेल ने पाटन क्षेत्र की जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने किसानों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। सरकार बनते ही पहला निर्णय किसानों की कर्जमाफी और धान का समर्थन मूल्य 2500 रुपए किया है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि जिला पंचायत, जनपद पंचायत और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

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