किताब से प्रेरित होकर 20 किलोमीटर दौड़ा, रोजाना दौड़ता हूं फिट हूं : मिलिंद सोमंद

अपने मन का राज खोलते हुए कहा- मुझे छांव से ज्यादा धूप में दौड़ना पसंद है।

मिलिंद अपनी फिटनेस का राज बताते हुए बोले- मैं 53 की उम्र में भी रोजना दौड़ता हूं। व्यस्तता की वजह से कई बार सुबह मौका नहीं मिल पाता तो दिन में जब भी मौका मिलता है, मैं दौड़ता जरूर हूं।

धूप हो या छांव, जब मुझे मौका मिलता है तो मैं दौड़ने में पीछे नहीं रहता। यह कहना है फिटनेस के नाम से मशहूर एक्टर मिलिंद सोमन का।

उन्होंने अपने मन का राज खोलते हुए कहा- मुझे छांव से ज्यादा धूप में दौड़ना पसंद है। मैंने कभी सोचा नहीं था दौडूंगा, लेकिन मेरे शहर में हुई 21 किलोमीटर की मैराथन ने मेरी जिंदगी बदल दी और दौड़ को मैंने जिंदगी का एहम हिस्सा बना लिया। 20 किलोमीटर दौड़ के बाद उतारे थे जूते मिलिंद ने कहा कि वे जूते उतार कर दौड़ते हैं।

एक किताब से प्रेरित होकर उन्होंने पहली बार 20 किलोमीटर दौड़ने के बाद जूता उतार दिया और दौड़ना शुरू कर दिया। थोड़ी दूर के बाद उन्हें काफी अच्छा फील हुआ।

उन्होंने बताया कि उन्हें एक अजीब सी खुशी महसूस हुई। उनके पैर पहले से काफी फ्री लग रहे थे। दौड़ने में मजा भी आ रहा था।

38 की उम्र में दौड़ लगाई थी। वह दौड़ 21 किलोमीटर की थी। दरअसल उनके शहर में 21 किलोमीटर की दौड़ हो रही थी।

उन्होंने दौड़ने के लिए इच्छा जताई तो लोग मना करने लगे। सबका कहना था कि तू नहीं दौड़ पाएगा, लेकिन मैंने हिम्मत बांधी और दौड़ लगाई।

बस वहीं से मेरी जिंदगी में दौड़ का सिलसिला जारी हो गया। वे कहते हैं कि अपनी फिटनेस के लिए जिम नहीं जाते, सिर्फ दौड़ लगाते है। त

ब से कई छोटी बड़ी मैराथन में हिस्सा लेते रहते हैं। उनका कहना है कि वे दिल्ली से मुंबई और अहमदाबाद से मुंबई दौड़ चुके हैं।

मिलिंग का कहना था कि बच्चा जब छोटा होता है तो वह बिना जूते के दौड़ता है। बिना जूते के दौड़ना एक प्राकृतिक गतिविधि है। जूता पहन कर दौड़ने से नंगे पांव दौड़ना ज्यादा अच्छा होता है।

यह चीज सेहत के लिए भी बेहतर होती है। वहीं निजी जिंदगी के सवाल पर उन्होंने कहा भरोसे से बढ़कर कोई रिलेशनशिप नहीं।

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