कलेक्टर भीम सिंह के निर्देश, सुगंधित चावल की खेती को दें बढ़ावा

लैलूंगा के सुगंधित चावल से अब महकेगा रायगढ़ जिले का नाम

हिमालय मुखर्जी ब्यूरो चीफ रायगढ़

  • नाबार्ड की एफपीओ क्लस्टर निर्माण योजना के संबंध में आयोजित हुई बैठक
  • अधिक संख्या में किसानों और उत्पादकों को योजना से जोडऩे के निर्देश

रायगढ़, 10 सितम्बर2020: कलेक्टर भीम सिंह ने कल कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में नाबार्ड के एफपीओ (फार्मर प्रोड्यूस ऑर्गेनाइजेशन)योजना के जिला प्रबंध समिति की बैठक ली। कलेक्टर सिंह ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में कृषि के साथ उद्यानिकी, फिशरीज व पशुपालन विभाग योजना के तहत एफपीओ क्लस्टर निर्माण की दिशा में काम करें और अधिक संख्या में किसानों व उत्पादकों को इसमे जोड़ें।

एफपीओ क्लस्टर निर्माण पर कहा

उन्होंने कृषि अधिकारी को लैलूंगा में सुगंधित चावल की खेती को बढ़ावा देने के लिए कहा और चावल की प्रोसेसिंग और पैकेजिंग पर भी काम करने के निर्देश दिए, जिससे यह सुगंधित चावल बाहर रायगढ़ जिले की पहचान के रूप में स्थापित हो सके। उन्होंने एफपीओ क्लस्टर निर्माण पर कहा कि इससे किसानों को कृषि कार्य के एक प्रभावी सिस्टम का हिस्सा बनने का मौका मिलेगा, जिससे वे न केवल आर्थिक रूप से मजबूत होंगे बल्कि उन्हें खेती किसानी की नई तकनीकों और उसके विपणन से जुड़ी बातों को भी सीख पाएंगे।

बैठक मे नाबार्ड के जिला प्रतिनिधि ने इस योजना के बारे में बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य किसान उत्पादक संगठनों को एक आय आधारित सस्टेनेबल माहौल उपलब्ध कराना है जिसके अंतर्गत अधिक प्रभावी तरीकों तथा कम खर्चे वाले संसाधनों के माध्यम से उत्पादन वृद्धि बढ़ाने पर जोर होगा। योजना के द्वारा किसान उत्पादक संगठनों को अगले 5 साल तक संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता, उत्पादन में बढ़ोतरी, उसमें वैल्यू एडिशन, टेक्नोलॉजी का बेहतर उपयोग, पूंजी की सुलभता और उत्पादों के लिए मार्केटिंग सुविधा उपलब्ध कराना लक्ष्य है।

इसका लाभ यह होगा कि उत्पादक संगठन ये सारे काम उसकी बारीकी सीखने के साथ ही उसे सरकारी सहायता के बिना भी आगे जारी रखने के लिए सक्षम बन सकेंगे। एक एसपीओ क्लस्टर में कम से कम 300 सदस्यों को जोड़ा जाना है। जो एक क्षेत्र विशेष में समान उत्पाद वाले कृषकों का समूह होगा।

रायगढ़ जिले में योजना के तहत प्रत्येक विकासखंड में एफपीओ बनाए जाएंगे। जिसके लिए विभागीय अधिकारियों को व्यापक स्तर पर कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में मुख्यत: सुगंधित चावल और सब्जियों के उत्पादन के अतिरिक्त फिशरीज और पोल्ट्री से जुड़े लोगों को इससे जोडऩे के लिए निर्देशित किया गया। बैठक में कृषि तथा संबंधित विभागों से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे।

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