छत्तीसगढ़

मानपुर प्राचार्य मोहन पडोटी को तत्काल हटाने के निर्देश

राजनांदगांव : कलेक्टर श्री भीम सिंह ने जिले की शिक्षा गुणवत्ता की विस्तृत समीक्षा करते हुए जिले के सभी प्राचार्यो को अपने-अपने स्कूलों के कक्षा दसवीं एवं बारहवीं की परीक्षा परिणाम कम से कम 75 प्रतिशत तक हासिल करने हेतु प्रयास करने के निर्देश दिए। श्री भीम सिंह ने आज 29 जुलाई को डॉ. बल्देव प्रसाद मिश्र उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बसंतपुर राजनांदगांव में जिले के हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल के प्राचार्यों की बैठक लेकर शिक्षा गुणवत्ता के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होनें जिले के सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, प्राचार्यों एवं शिक्षा विभाग के सभी अधिकारियों को जिले में शिक्षा गुणवत्ता के सुधार हेतु पूरी निष्ठा, समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर श्री भीम सिंह ने उनके द्वारा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मानपुर के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान स्कूल में पाये गये घोर लापरवाही एवं अव्यवस्था पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होनेें शासकीय उच्चतमर माध्यमिक विद्यालय मानपुर के प्राचार्य श्री मोहन पडोटी को तलब कर उसका कारण पूछा। प्राचार्य श्री पडोटी द्वारा संतोषप्रद जवाब नहीं देने पर उन्हें कड़ी फटकार भी लगाई। उन्होनें प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी श्री एसके पाण्डे को प्राचार्य श्री मोहन पडोटी को तत्काल पद से हटाने एवं उनके विरूद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री चंदन कुमार, सहायक कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल भी विशेष रूप से उपस्थित थे।

बैठक में कलेक्टरने अध्यययन-अध्यापन के कार्य में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों को कड़ी चेतावनी देते हुए प्राचार्यों को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। उन्होनें शालाओं में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति एवं समय-सारणी अनुसार अध्यनन-अध्यापन की व्यवस्था सुनिश्चित कराने को कहा। इसके अलावा उन्होनें सभी प्राचार्यों को पूरी प्रतिबद्धता एवं संवेदनशीलता के साथ अपने शिक्षकीय दायित्वों का निर्वहन करने की समझाईश भी दी। उन्होनें कहा कि सभी शालाओं में साज-सज्जा एवं साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए। शालाओं में छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालयों का निर्माण उनकी नियमित साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था के समुचित प्रबंध करने के निर्देश भी दिए। श्री भीम सिंह ने कक्षा में नक्शा आदि लगाने के साथ-साथ महापुरूषों के कथन, सुक्ति आदि भी लिखाने के निर्देश दिए। उन्होनें कहा कि स्कूलों में शालेय समय-सारणी का पालन शत-प्रतिशत सुनिश्चित होनी चाहिए। कलेक्टर ने कहा कि समाज में विद्यार्थी शिक्षकों के सबसे निकट होने के कारण शिक्षकों से सर्वाधिक प्रभावित भी होता है। उन्होनें कहा कि शिक्षकों को बच्चों को पाठ्यक्रम की पढ़ाई के साथ-साथ नैतिक शिक्षा एवं दायित्व बोध पैदा करने के लिए भी प्रयास करना चाहिए। इसके साथ ही उन्होनें बच्चों को सामान्य ज्ञान, व्यक्तित्व विकास एवं भाषयी ज्ञान की भी शिक्षा देने के निर्देश दिए। श्री भीम सिंह ने शिक्षकों को अपने विषय के अध्यापन हेतु नियमित रूप से स्वध्याय भी करने को कहा। उन्होनें सभी प्राचार्यों को अपने-अपने संस्था के लापरवाह एवं गैर जिम्मेदार शिक्षकों तथा कर्मचारियों की जानकारी भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जिससे की उनके विरूद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

बैठक में कलेक्टर ने सभी प्राचार्यों को आगामी अगस्त माह में आयोजित होने वाली समीक्षा बैठक तक शालाओं मेें अध्ययन-अध्यापन के व्यवस्था के अलावा अद्योसंरचना से जुड़े सभी व्यवस्थाओंं को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही बच्चों के समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने के साथ-साथ विद्यार्थियों से जुड़ी समस्याओं के निराकरण हेतु अपने स्तर से प्रयास करने के अलावा आवश्यकता पडऩे पर इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को भी देने को कहा। कलेक्टर ने जिले के विकासखंड शिक्षा अधिकारियों एवं सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारियों के कार्यों की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होनें अधिकारियों को शालाओं में अध्ययन-अध्यापन व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु सतत् मानिटरिंग करने के निर्देश भी दिए। इसके लिए उन्होनें जिला शिक्षा अधिकारी को सभी शालाओं के प्रजेटेंशन का अवलोकन करने को कहा। श्री भीम सिंह ने सभी प्राचार्यों एवं संस्था प्रमुखों को जर्जर शाला भवनों की जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जिससे की इसके लिए राशि स्वीकृत करने की कार्रवाई की जा सके। कलेक्टर ने कहा कि सभी कक्षाओं में ब्लेक बोर्ड, विद्युत आपूर्ति एवं पंखे आदि की व्यवस्था समुचित होनी चाहिए। उन्होनें कमजोर बच्चों के लिए अतिरिक्त कक्षा लगाने के भी निर्देश दिए।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री चंदन कुमार ने कहा कि प्राचार्य अपने-अपने संस्था के प्रमुख होने के नाते अपने संस्था के बेहतर एवं खराब परीक्षा परिणाम तथा व्यवस्था के लिए भी जिम्मेदार होते है। उन्होनें शिक्षा विभाग के सभी अधिकारियों एवं प्राचार्यों को जिले में शिक्षा गुणवत्ता के सुधार हेतु अपने गुरूत्तर दायित्वों का निर्वहन करने की अपील की। बैठक में सहायक संचालक श्री आदित्य खर्रे, सहायक परियोजना अधिकारी श्री साहू सहित जिले के सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी, प्राचार्य एवं सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी उपस्थित थे।

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