छत्तीसगढ़

स्थानीय व्यापारियों के मध्य जेम की जागरूकता बढ़ाने दिए निर्देश

राजनांदगांव । गर्मी में पेयजल की किसी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए कलेक्टर श्री भीम सिंह ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया है कलेक्टर ने कहा कि उन स्थलों की पहचान कर ली जाए, जहाँ सूखे की स्थिति में पेयजल की समस्या गंभीर रूप ले लेती है। वहाँ पानी की संभावित मात्रा का आकलन कर रूट चार्ट तय कर लिया जाए। इसके साथ ही खराब हैंडपंपों की नियमित रूप से मरम्मत कराई जाए। उन्होंने कहा कि हर पाँच ग्राम पंचायत के पीछे एक हैंडपंप टेक्नीशियन होगा ताकि गाँव वालों की समस्या का त्वरित निराकरण किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्लंबिंग का कोर्स जिन प्रशिक्षार्थियों ने किया है उन्हें हैंडपंप टेक्नीशियन का भी कोर्स लाइवलीहुड कॉलेज द्वारा कराया जाए ताकि इनकी जरूरत को यहीं इस्तेमाल किया जा सके। उन्होंने कहा कि पीएचई विभाग के अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि नलजल योजनाएँ भलीभांति काम करें, किसी भी तरह की शिकायत होने पर तुंरत कार्रवाई करें। कलेक्टर ने सूखा प्रभावित क्षेत्रों के सर्वे की समीक्षा भी की। उन्होंने कहा कि अभी कम समय में पकने वाली धान की फसल का सर्वे किया जा रहा है इसके तुरंत बाद ज्यादा लंबे समय में पकने वाली फसल का सर्वे कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि फसल कटाई प्रयोग के समय स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी शामिल करें ताकि पारदर्शी तरीके से फसल कटाई प्रयोग हो सके। उन्होंने अनुविभागीय दंडाधिकारियों को इसकी नियमित रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कुँए, नहर आदि जलस्रोतों के खुदाई कार्य तय समयावधि में पूरा कर लेने अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि उज्ज्वला योजना के तहत बहुत सी माताओं को गैस सिलेंडर का लाभ मिला है। स्थानीय अमले को यह भी देखना होगा कि इन महिलाओं को रिफिलिंग के लिए किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े।
कलेक्टर ने कहा कि परित्यक्ता और एकल महिलाओं तथा अपने परिवारों का भरण पोषण करने वाली महिलाओं को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने नियमित रूप से कैंप करें। यहाँ उनकी पेंशन जैसी दिक्कतों का मौके पर ही निपटारा हो जाए, साथ ही व्यवसाय करने के लिए सबला योजनाए मुद्रा योजना जैसी योजनाओं का लाभ दिला सके अथवा कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जा सके। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री चंदन कुमार, अपर कलेक्टर श्री जे.के. धु्रव, सहायक कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल, संयुक्त कलेक्टर रेणुका श्रीवास्तव सहित अन्य जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
जेम में करें व्यवासायियों को दर्ज –
कलेक्टर ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा शासकीय खरीदी के लिए जेम पोर्टल बनाया गया है। इसमें कोई भी व्यापारी, उद्यमी अपना रजिस्ट्रेशन करा सकता है। स्थानीय व्यापारियों के लिए यह अच्छा अवसर है कि जेम के माध्यम से एक बड़े व्यापारिक क्षेत्र में प्रवेश करें। उन्होंने इसके लिए जिला उद्योग महाप्रबंधक को निर्देशित करते हुए चैंबर ऑफ कामर्स एवं उद्योग जगत के पदाधिकारियों के साथ चर्चा करते हुए जेम के महत्व के बारे में ज्यादा जागरूकता लाने की बात कही। उन्होंने कहा कि जेम के माध्यम से न केवल स्थानीय व्यापारी जिला स्तर पर होने वाली शासकीय खरीदी में अपनी सामग्री विक्रय कर सकेंगे अपितु अन्य जिलों में हो रही शासकीय खरीदी में हिस्सा ले सकेंगे, इस तरह उनके व्यापार का दायरा काफी विस्तृत हो जाएगा।
डीएमएफ के पाँच मॉडल गाँवों में वाईफाई, स्मार्ट क्लासेस भी –
डीएमएफ के अंतर्गत पाँच मॉडल गाँव राजनांदगांव जिले में बनेंगे। इनमें जक्के, दोरबा, जोरातराई, डुमरडीहकला और कलकसा शामिल है। इन गाँवों में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं का उन्नत ढांचा बनाया जाएगा। इन गांवों में स्मार्ट क्लासेस के साथ ही वाईफाई की सुविधा भी प्रदान की जाएगी।

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