जॉब्स/एजुकेशनराष्ट्रीय

एक शिक्षण संस्‍थान के छात्रों को मौखिक परीक्षा के लिए दिए बेंगलुरु आने के निर्देश

बेंगलुरु आने के निर्देश के कारण छात्रों और अभिभावकों में खासा रोष

बेंगलुरु: बेंगलुरु के शिक्षण संस्थान ” सृष्टि इंस्टीट्यूट ऑफ आर्ट डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी’ ने जून महीने में फाइनल सेमेस्टर के छात्रों को मेल भेजकर मौखिक परीक्षा के लिए बेंगलुरु आने के निर्देश दिए. ये परीक्षा 3-21 अगस्त के बीच आयोजित है. बेंगलुरु आने के निर्देश के कारण छात्रों और अभिभावकों में खासा रोष है.

फाइनल ईयर के इन छात्रों की ये मौखिक परीक्षा लगभग 1 घंटे की होती है पर वर्तमान हालात में यदि देश के अलग-अलग प्रदेशों से छात्र इस परीक्षा में भाग लेने आते हैं तो उन्हें कम से कम 15 दिनों का जोखिम उठाना पड़ेगा क्योंकि छात्रों को दी गई सूचना में ये भी स्‍पष्‍ट किया गया है कि परीक्षा में शामिल होने से पहले छात्र कर्नाटक सरकार द्वारा निर्धारित 14 दिन के क्‍वारंटाइन नियम का पालन करें.

छात्रों की परेशानी

ऊपर से आफत ये कि छात्रों को अपने ठहरने की व्यवस्था भी खुद करनी है क्योंकि छात्रों के लिये निर्धारित पी जी हॉस्‍टल बंद हैं. कर्नाटक में क्‍वारंटाइन के नियम भी राज्यों के आधार पर निर्धारित हैं.

16 जून से लागू नए नियमों के मुताबिक जो व्यक्ति दिल्ली या तमिलनाडु से कर्नाटक में प्रवेश करेगा उन्हें पहले 3 दिन संस्‍थागत क्‍वारंटाइन में रहना होगा और बाकी के 11 दिन होम क्‍वारंटाइन में रहना अनिवार्य है.

यदि व्यक्ति महाराष्ट्र से आ रहा है तो उसे पहले 7 दिन संस्‍थागत क्‍वारंटाइन और बाकी के 7 दिन होम क्‍वारंटाइन में रहना अनिवार्य है. बाकी प्रदेशों के व्‍यक्तियों को पूरे 14 दिन होम क्‍वारंटाइन में रहना जरूरी है.

छात्रों की समस्या ये है कि फिलहाल वो अपने प्रदेश में अपने घर में सुरक्षित हैं. ऐसे में महज 1 घंटे की मौखिक परीक्षा के लिए 15 दिन का जोखिम उठाना कहां तक उचित है? वैसे भी यदि कोई छात्र अपनी यात्रा के दौरान संक्रमित हो गया तो उसे अपने घर से दूर दूसरे राज्‍य में अस्पताल में रहना होगा. ऐसे में वो फाइनल परीक्षा में शामिल हो भी पायेगा या नहीं, ये निश्चित नहीं है.

Tags
Back to top button