छत्तीसगढ़

मोटरयान अधिनियम एवं नियमों का पालन हेतु प्राचार्यों को निर्देश

मनीष शर्मा:

मुंगेली: सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष सह कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे के आदेशानुसार समस्त विद्यालय एवं पालकों को मोटरयान अधिनियम एवं नियम का पालन किया जाना अनिवार्य किया गया है।

जिला परिवहन अधिकारी ने पत्र लिखकर प्राचार्यो से कहा है कि प्रायः यह देखने में आ रहा है कि 18 वर्ष से कम उम्र के छात्र-छात्राओं द्वारा मोटरसायकल/स्कूटी चलाया जा रहा है जो कि नियम विरूद्ध है अतः 18 वर्ष से कम उम्र के छात्र-छात्राओं को वाहन चलाने के लिए पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाएं।

समस्त स्कूल बस एवं अन्य स्कूल वाहन (जैसे आटो/मैजिक) जो न्यायालय द्वारा निर्धारित मापदण्ड के अनुसार के बिना ही स्कूली छात्र-छात्राओं को परिवहन हेतु उपयोग किया जा रहा है इस पर सख्ती बरतते हुए वाहन के उपयोग पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध किया जायें।

वाहन की आर.सी. बुक में निर्धारित बैठक क्षमता अनुसार ही छात्र-छात्राओं को बैठाकर परिवहन करने की अनुमति दें। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित मापदण्ड एवं छत्तीसगढ़ राजपत्र 28 नवम्बर 2015 में निर्धारित मापदण्ड के अलावा वाहनों में स्पीड गर्वनर, सी.सी.टी.व्ही. कैमरा हमेशा चालू की स्थिति में रहें।

भारत का राजपत्र 02 नवम्बर 2018 के अनुसार समस्त लोकसेवा यान में जी.पी.एस. व आपातकालीन बटन का फिटिंग अनिवार्य है। उक्त उपकरण के अधिकृत निर्माता या विक्रेता द्वारा स्कूल बसों में फिटिंग के बाद कार्यालयीन सॉफ्टवेयर वाहन 4.0 में फिटमेंट प्रमाण पत्र जारी होने के पश्चात ही वाहनों का फिटनेस किया जायें।

स्कूली बसों की जांच हेतु विगत माह एसएनजी कॉलेज मैदान मुंगेली में शिविर लगाया गया था। परंतु विभिन्न विद्यालयों/कॉलेजों द्वारा वाहन को जांच हेतु प्रस्तुत नहीं किया गया। जो वाहन प्रस्तुत किया गया उसमें विभिन्न प्रकार की कमियां पाई गई जो कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की अवहेलना है जिस पर कलेक्टर द्वारा नाराजगी व्यक्त किया गया है। जांच में पायी गयी कमियों की पूर्ति अतिशीघ्र कर ली जायें।

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