इंसुलिन का 24 से 36 घंटे तक असर साबित होगा वरदान

मधुमेह की अत्याधुनिक चिकित्सा से संबंधित एपीआइ के सेमिनार रायपुर में हुए सेमिनार में शहर के डॉ. प्रवीण कालवीट ने अपनी बात रखी।

बिलासपुर। मधुमेह की अत्याधुनिक चिकित्सा से संबंधित एपीआइ के सेमिनार रायपुर में हुए सेमिनार में शहर के डॉ. प्रवीण कालवीट ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि नई तरह की इंसुलिन का असर 24 से 36 घंटे तक रहेगा।

यह पीड़ितों के लिए वरदान साबित होने वाला है। उन्होंने अमेरिका के कॉन्फ्रेस के अनुभवों को भी साझा किया। एसोसिएशन आॅफ फिजिशियन आॅफ इंडिया के रायपुर चेप्टर की ओर से यह आयोजन किया गया।

सेमिनार के विषय में जानकारी देते हुए डॉ.कालवीट ने बताया कि आमतौर पर इंसुलिन का इंजेक्शन मधुमेह पीड़ितों के लिए एक दिन के लिए ही कारगर रहता है। साथ ही इससे लो ब्लड प्रेशर की वजह से अप्रिय घटनाएं भी होने की शिकायत रहती है।

इसी तरह कोलेस्ट्रॉल, हृदय रोग से भी खतरा रहता है। अब अत्याधुनिक चिकित्सा पद्धति को अपनाते हुए नई तरह की दवा इजाद की गई है। कई तरह के कामकाजी लोग जो देश-विदेश की यात्रा पर रहते हैं या किसी जरूरी मीटिंग पर हों तो मधुमेह पीड़ितों के लिए विकट स्थिति सामने आ जाती है। अब यह उन सभी के लिए बेहद कारगर साबित होगा।

इसके साथ ही वजन बढ़ने की शिकायत भी नहीं रहेगी। अमेरिका के कॉन्फ्रेंस का अनुभव साझा करते हुए सेमिनार में बताया कि वहां इस बात पर चर्चा हुई कि विशेषज्ञ डॉक्टर अमेरिका में भी रहते हैं और देश के छोटे-बड़े शहरों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में भी।

अंतर रहता है तो मात्र नॉलेज का। जब उच्च स्तर पर कोई नई चिकित्सा पद्धति या नई तकनीक और दवा आती है तो यह उन सभी तक पहुंचनी चाहिए। ऐसे में नॉलेज का आदान-प्रदान होना ही चाहिए। इसके लिए मापदंड भी तय किया गया है और प्रोटोकॉल बनाया गया है।

0-शहरवासियों को भी मिलेगा लाभ

इंसुलिन की नई दवा को लेकर डॉ.कालवीट ने कहा कि शहरवासियों के लिए भी यह बहुत अच्छी बात है। यहां भी कई तरह के कामकाजी मधुमेह पीड़ित हैं। उन्हें होने वाली असुविधा से राहत मिलेगी। साथ ही साइड इफेक्ट से भी छुटकारा मिलेगा।<>

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