बैल का पोस्टमार्टम नहीं होने पर बीमा नहीं मिला, पशु चिकित्सक को शो कॉज नोटिस

ग्रामीण ने कहा बैल की मौत की जानकारी देने पर भी पशु चिकित्सक ने नहीं किया पोस्टमार्टम, इससे नहीं मिल पाया बीमा का लाभ

राजनांदगांव : ग्राम गौलीटोला में आयोजित समाधान शिविर में ग्राम नीचेकोहड़ा के एक किसान ने लोक सुराज में बैल की मौत हो जाने पर भी बीमा राशि नहीं मिल सकने संबंधित आवेदन दिया। इस मामले में किसान ने बताया कि पशु चिकित्सक द्वारा पोस्टमार्टम नहीं किए जाने के कारण बीमा कंपनी ने उसका क्लेम रिजेक्ट कर दिया। शिविर में मामले के आने पर कलेक्टर ने तत्कालीन पशु चिकित्सक डॉ. बीपी विश्वकर्मा से इस संबंध में पूछा। डॉ. विश्वकर्मा ने बताया कि किसान द्वारा बताने पर वे मौके पर गए लेकिन वहाँ बैल की लाश मौजूद नहीं थी, इसलिए पोस्टमार्टम नहीं किया जा सका। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर करते हुए उन्हें शो कॉज नोटिस देने के निर्देश दिए, साथ ही पूरे प्रकरण की जाँच कर किसान को राहत दिलाने के निर्देश दिए।

शिविर में डॉ. विकास मेश्राम ने पशुधन विकास विभाग से संबंधित निराकरणों की जानकारी दी। इसमें सभी पात्र हितग्राहियों को गाय, बकरी, सूअर और मुर्गियाँ दिये जाने की जानकारी दी। कलेक्टर ने कहा कि गौलीटोला क्लस्टर में पशुधन से संबंधित बहुत सी माँगे आईं और इन्हें विभाग द्वारा तत्परता से पूरा किया गया। किसानों ने मछली जाल की भी माँग की है। बेहतर कृषि के साथ पशुपालन एवं मत्स्यपालन जैसे सहयोगी कार्य भी किए जाएं तो किसानों की आय बढ़ाने में काफी सहायता मिलेगी। गौलीटोला के ग्रामीणों ने कहा कि केवल महीने में दो दिन ही राशन दुकान खुलती है। कलेक्टर ने दुकान का प्रबंधन स्थानीय समूह को सौंपने एवं सप्ताह में दो दिन राशन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्राम परसाटोला में खाद भंडार गोदाम खुलेगा। इसके साथ ही तीन दिन परमिट परसाटोला में मिलेगा।

कलेक्टर ने मनरेगा कामों की समीक्षा भी की। गौलीटोला के आश्रित गांव ग्राम गोरदा के ग्रामीणों ने बताया कि हमारे यहाँ तालाब में काम स्वीकृत किया गया था लेकिन इसमें पानी भरा हुआ है। इस पर कलेक्टर ने छोटे तालाब में काम शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंचायतों के साथ ही आश्रित गाँवों में भी काम चलने चाहिए। इसके साथ ही पर्याप्त संख्या में रोजगार सृजन भी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सोसायटी में अग्रिम खाद भंडारण शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि सोसायटी में माइक्रो एटीएम शुरू हो चुका है। इसमें किसान पाँच हजार रुपए तक की राशि निकाल सकते हैं।

सूखा राहत की पाँच करोड़ 97 लाख रुपए की राशि बैंकों को प्रदाय की गई है। इसमें चार करोड़ 60 लाख रुपए की राशि बैंकों द्वारा वितरित की जा चुकी है। कुछ किसानों के खाते नंबर मिलान नहीं होने के कारण उन्हें भुगतान नहीं हो पाया, इन्हें भी दस दिनों के अंदर भुगतान कर दिया जाएगा। इस दौरान शिविर में जनपद अध्यक्ष शिवचरण उमरिया, उपाध्यक्ष शंकर तिवारी, जिला पंचायत सदस्य खगेश ठाकुर, अपर कलेक्टर ओंकार यदु, एसडीएम प्रभात मलिक, जनपद सीईओ मोनिका कौड़ो सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

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