पोंड स्कूल में जीवन कौशल की प्रासंगिकता पर बौद्धिक परिचर्चा

दीपक वर्मा:

अभनपुर: राष्ट्रीय सेवा योजना शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पोड़ इकाई के सात दिवसीय शिविर ग्राम परसदा में संचालित हो रही हैl शिविर के द्वितीय दिवस के बौद्धिक परिचर्चा में मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित सेठ फूलचंद अग्रवाल स्मृति महाविद्यालय नवापारा के शिक्षा संकाय में पदस्थ प्रोफेसर लोमस कुमार साहू के द्वारा जीवन कौशल (Life Skill) के प्रासंगिकता को विस्तार से समझाया गयाl

विभिन्न प्रासंगिक बिंदुओं पर चर्चा

जिसमें जीवन कौशल की आवश्यकता के प्रमुख स्वरूप में आत्म जागरूकता, सामाजिक जागरूकता एवं स्वयं क्षमता के विभिन्न प्रासंगिक बिंदुओं पर चर्चा करते हुए बताया कि जीवन के विभिन्न महत्वपूर्ण निर्णयों में जीवन कौशल की भूमिका सबसे अहम होती हैं, जिस प्रकार से आत्म जागरूकता में व्यक्ति अपने अंदर आत्मविश्वास,

भावनाओं को व्यक्त करना और प्रतिबंधित करना, एवं सहानुभूति जैसे आवश्यक क्षमताओं का विकास करते हैं, वैसे ही सामाजिक जागरूकता में व्यक्ति में संचार, समस्या का रचनात्मक हल, एवं संबंध स्थापित करना जैसे गुणों का विकास होता हैl

मानवीय गुणों का विकास

ठीक इसी प्रकार स्वयं क्षमता में आत्म नियंत्रण, समस्यात्मक सोच, निर्णय निर्माण और दृढ़ता के क्षेत्र में मानवीय गुणों का विकास होता है और यह सभी व्यक्ति को छोटी-छोटी बातों को समझने में छोटे-छोटे क्रियाओं को संपन्न करने में और जीवन को कारगर और सफल बनाने में सहयोग करते हैंl

परिचर्चा में जीवन कौशल के आवश्यकता और महत्व पर भी विस्तार बात रखी गई जिसमें जीवन कौशल की आवश्यकता के क्षेत्र में मनुष्य और जानवर में फर्क को समझाया गया वही बेहतर जीवन, लक्ष्य को पाने में जीवन कौशल की भूमिका, स्वर जागरण में, खुद को समझने में जीवन के संघर्षों को समझने में, स्वयं को जानने में, जिम्मेदारियों को जानने में, भविष्य के लिए सोच पैदा करने में, लोगों का प्रेरणा बनने में और बेहतरीन दिनचर्या में जीवन कौशल की योगदान को बताया गयाl

जीवन कौशल के लाभ पर स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए बताया कि जिस व्यक्ति जीवन में जीवन कौशल होगा उस व्यक्ति का जीवन जीने का तरीका और देखने का नजरिया बाकी लोगों से अलग होती हैं साथ ही साथ समस्या समाधान, निर्णय क्षमता ,सकारात्मक सोच स्वयं को सुरक्षा देना, लोगों में स्थान बनाना, लक्ष्यों का निर्धारण करना, तनाव व अवसाद से मुक्ति पाना, सामंजस्य व व्यवस्था का निर्माण करना जैसे जीवन कौशल के महत्वपूर्ण लाभ को विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से बेहतर ढंग से रखा गयाl कार्यक्रम अधिकारी एन सी साहू एवं वाय.वर्मा के द्वारा प्रोफेसर लोमस कुमार साहू का श्रीफल से सम्मान किया गयाl

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