छत्तीसगढ़

कोरोना काल में भी अंतर्राज्यीय शराब गिरोह सक्रिय, कोयला खदानों के आसपास बड़ी मात्रा में अन्य प्रदेशों की खपाई जा रही शराब

कुछ माह पूर्व ही पसान थाना पुलिस ने भी काफी मात्रा में बरामद किए थे विदेशी अवैध शराब

पोड़ी उपरोड़ा:अवैध शराब के कारोबारियों का जिले में एक संगठित गिरोह सक्रिय हैं। इस पर पुलिस का भी नियंत्रण नहीं है। इस कारण यह धंधा जोरों पर है। सूत्रों की मानें तो ऐसे धंधे को उत्पाद विभाग का भी संरक्षण प्राप्त है। वैसे कोरबा एसपी के द्वारा अपराध के साथ-साथ अब अवैध कारोबारियों पर भी अपना शिकंजा कसना आरंभ कर दिया है।

एसपी की इस कार्रवाई से अवैध कारोबारियों में भय का माहौल है। पसान थाना अंतर्गत पुटिपखना , रानीअटारी , विजयवेस्ट क्षेत्र में दूसरों राज्यों से भारी मात्रा में अवैध देशी और विदेशी शराब की बिक्री स्थानीय रसूखदारो द्वारा की जा रही है

दुसरो राज्यो से लाकर ख़फ़ाई जा रही शराब

अक्सर मध्यप्रदेश राज्य की अवैध शराब बरामद होने से पसान व आसपास के क्षेत्रों की फिजाओं में अनेकों सवाल चर्चा में है। सबसे अहम सवाल यह है कि आखिर इतने भारी मात्रा में देशी और विदेशी अवैध शराब कहां से आती हैं? इन सवालों का जवाब तलाशने की आवश्यकता पुलिस को है। अगर ये विभिन्न ब्रांडों के शराब डुप्लीकेट है तो कहीं ऐसा तो नहीं कि नकली शराब की फैक्ट्री संचालित है और अगर बरामद शराब सही है तो किस लाइसेंसी शराब दुकान से आपूर्ति की गई है। यह जांच का विषय है।

इस प्रकार के सभी मामलों में अंतर्राज्यीय शराब गिरोह का नाम ज्यादा सामने आता है , शराब माफिया जो कि कोरबा जिले के सरहदी गाँव मे ज्यादा सक्रिय है क्योंकि यह अंतिम छोर छत्तीसगढ़ व मध्यप्रदेश का बॉर्डर है जहाँ मध्यप्रदेश से अवैध शराब लाना काफी आसान माना जाता हैं ,

पुटिपखना , रानीअटारी , विजय वेस्ट खदानों के आसपास स्थानीय गिरोह सक्रीय

विश्वस्त सूत्रों की मानें तो अवैध कारोबारियों से जुड़े शराब माफिया निकटवर्ती राज्य मध्यप्रदेश से बड़ी मात्रा में अवैध रूप से शराब लाकर पुटिपखना , सेन्हा ,रानीअटारी , विजय वेस्ट कोल फील्ड्स ,खदानों के आसपास ज्यादा सक्रिय हैं , जो कि दुकानों के माध्यम से इस तरह से बिक्री को अंजाम देते हैं

विभिन्न स्थानों पर अपना कारोबार कर रहे हैं। समय-समय पर अगर पुलिस लाइसेंसी शराब दुकान में छापेमारी करे तो यहां भी नकली शराब भारी मात्रा में बरामद हो सकते हैं।

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